अफसर देखते रहे, मंच पर नंगा नाच चलता रहा, देखें PHOTOS : गरियाबंद में SDM की मौजूदगी में अश्लीलता, बार-डांसरों को Kiss करने वाले पुलिसकर्मी पर एक्शन
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र अंतर्गत उरमाल गांव में मनोरंजन के नाम पर 6 दिवसीय ओपेरा आयोजन की अनुमति ली गई, लेकिन इसके बाद मंच पर खुलेआम अश्लील डांस कराया गया। आयोजन के दौरान अर्धनग्न महिलाएं स्टेज पर नाचती रहीं और रसूखदार लोग खुलेआम पैसे लुटाते नजर आए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आयोजन को अनुमति देने वाले मैनपुर SDM तुलसी दास मरकाम खुद 9 जनवरी की रात कार्यक्रम देखने पहुंचे। आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट आरक्षित कर रखी थी। रात करीब 11 बजे से सुबह 3 बजे तक अश्लील डांस चलता रहा।



ओडिशा से बुलाई गईं बार डांसर
आयोजन के तीसरे दिन 7 जनवरी से अश्लील प्रस्तुतियां शुरू हो गईं। इसके लिए ओडिशा से बार डांसर बुलाई गई थीं। सोशल मीडिया पर आयोजन का अश्लील प्रचार भी किया गया, जिसमें डांसर आपत्तिजनक अंदाज में लोगों को कार्यक्रम में आने का न्योता देती दिखीं।
पंडाल के भीतर बेकाबू भीड़, अफसर-नेता भी मौजूद
कार्यक्रम के दौरान पंडाल के भीतर भारी भीड़ उमड़ी। वीडियो में पुलिसकर्मी, अफसर और जनप्रतिनिधि भी मंच के सामने डांस पर चांस मारते और जमकर पैसे उड़ाते नजर आए। पूरे आयोजन में कोई नियंत्रण नजर नहीं आया।

वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में
10 जनवरी को आयोजन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच कर दिया और आयोजन को एक दिन पहले ही बंद करा दिया।
आयोजक गिरफ्तार, FIR दर्ज
देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि वायरल वीडियो और लिखित शिकायत के आधार पर आयोजनकर्ता देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 (3)(5) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, SDM पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं
जहां एक ओर दो पुलिस कर्मियों पर त्वरित कार्रवाई की गई, वहीं आयोजन को अनुमति देने और अपनी मौजूदगी में अश्लीलता फैलने देने वाले SDM के खिलाफ अब तक कोई विभागीय या प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है।
जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद मामला कलेक्टर तक भी पहुंचा, लेकिन जिला प्रशासन ने चुप्पी साध ली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की मौन स्वीकृति के कारण ही यह आयोजन बेलगाम हुआ।
प्रशासनिक कसावट पर भी सवाल
बताया जा रहा है कि पिछले 3–4 महीनों से जिले में प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ा है। अमलिपदर क्षेत्र में धान परिवहन में अनियमितता, खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था और डीईओ के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
वायरल वीडियो में दिखा आयोजकों का आत्मविश्वास
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आयोजकों और मंच पर मौजूद लोगों का आत्मविश्वास साफ दिख रहा है, जिससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि उन्हें किसी कार्रवाई का डर नहीं था।
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