: छत्तीसगढ़ में सरकारी विभाग लगा रहे चूना ! 86 करोड़ का बिजली बिल नहीं किया जमा, जानिए 86 विभागों की सीक्रेट कुंडली ?
Chhattisgarh Raigarh Electricity Bills Worth Crores Pending On Government Departments: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी विभागों पर 86 करोड़ से अधिक का बिजली बिल बकाया है। इसके लिए विभागों को नोटिस भी जारी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकारी विभाग के अधिकारी बिजली बिल जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
Chhattisgarh Raigarh Electricity Bills Worth Crores Pending On Government Departments: ऐसी स्थिति में बिजली विभाग को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जिले में राज्य और केंद्र सरकार के 70 से अधिक विभागों पर बिजली बिल बकाया है। इसमें कुछ विभागों को छोड़कर सभी विभाग बिजली बिल जमा करने में आनाकानी कर रहे हैं। लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं की जा रही है।ग्राम पंचायतों पर सबसे ज्यादा बकाया
Chhattisgarh Raigarh Electricity Bills Worth Crores Pending On Government Departments: बकायाकर्ताओं की सूची में ग्राम पंचायतें और नगरीय निकाय सबसे ऊपर हैं। ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों पर नल जल, स्ट्रीट लाइट और अन्य का 60 करोड़ से अधिक का बकाया है। इसके अलावा शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा और परिवार कल्याण विभागों पर भी लाखों का बकाया है।नोटिस का असर नहीं
Chhattisgarh Raigarh Electricity Bills Worth Crores Pending On Government Departments: विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर बिजली बिल जमा करने के लिए संबंधित विभाग को नोटिस भी जारी किए जाते हैं। कुछ विभाग इसे गंभीरता से लेते हैं, जबकि कुछ इसे नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में विभाग पर लंबित बिलों का बोझ बढ़ता रहता है।फिर से देंगे रिमाइंडर नोटिस
Chhattisgarh Raigarh Electricity Bills Worth Crores Pending On Government Departments: करोड़ों के लंबित बिजली बिल के संबंध में बिजली विभाग के ईई आरके राव ने कहा कि सरकारी विभागों को नोटिस भेजे गए थे। फिर से रिमाइंडर नोटिस दिए जाएंगे। बिजली बिलों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।इन विभागों का बिल बकाया-
- ग्राम पंचायत नल-जल-13,47,93,316 रुपए
- ग्राम पंचायत सड़क बत्ती- 1,55,38,208 रुपए
- नगरीय निकाय नल जल- 40,60,81,646 रुपए
- नगरीय निकाय सड़क बत्ती- 16,81,21,663 रुपए
- स्कूल शिक्षा विभाग- 4,86,83,521 रुपए
- उच्च शिक्षा विभाग- 23,87,732 रुपए
- पुलिस विभाग- 55,66,975 रुपए
- चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग- 81,06,372 रुपए
- राजस्व विभाग- 37,14,093 रुपए
- वन विभाग- 53,17,786 रुपए
- खेल एवं युवा कल्याण विभाग- 24,36,951 रुपए
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