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भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को मिली जमानत : शराब घोटाला केस, हाईकोर्ट ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, 6 महीने बाद जेल से रिहा

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत दे दी है। जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिस पर अब आदेश जारी कर दिया गया है। आज 6 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं।

हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए जांच एजेंसियों की भूमिका पर गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने सवाल उठाया कि सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल के बयान पर भरोसा किए जाने के बावजूद, उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट होने के बाद भी उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने इसे जांच की पारदर्शिता पर सवाल बताते हुए कानून के ‘चुनिंदा इस्तेमाल’ का मामला करार दिया।

18 जुलाई से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे

चैतन्य बघेल 18 जुलाई 2025 से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। उन्हें यह राहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ACB/EOW) द्वारा दर्ज मामलों में मिली है। ईडी ने उन्हें पिछले साल जुलाई में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत गिरफ्तार किया था, जबकि एसीबी ने सितंबर में भ्रष्टाचार के मामले में जेल में रहते हुए उनकी गिरफ्तारी दिखाई थी।

1,000 करोड़ रुपए के लेन-देन को संभाला

जांच एजेंसियों का दावा है कि यह शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे और उन्होंने लगभग 1,000 करोड़ रुपए के लेन-देन को संभाला। वहीं एसीबी का आरोप है कि उन्हें घोटाले से 200 से 250 करोड़ रुपए की राशि मिली, जबकि पूरे घोटाले की रकम 3,200 करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है।

हाईकोर्ट ने सह-आरोपी को गिरफ्तार न किए जाने पर सख्त रुख अपनाते हुए इसे कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। कोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस मामले की व्यक्तिगत निगरानी करने और भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के निर्देश दिए हैं।

सत्य की जीत हुई- भूपेश

चैतन्य बघेल को जमानत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्य की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं किया जा सकता। जमानत की खबर आते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।

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