अतिक्रमण करने वाले 53 ग्रामीण अरेस्ट : Kondagaon से आकर उदंती–सीतानदी टाइगर रिज़र्व में कब्जा, जानिए कैसे वन अमला के हत्थे आए?
गरियाबंद। उदंती–सीतानदी टाइगर रिज़र्व (Udanti–Sitanadi Tiger Reserve) में अवैध कब्ज़े (Illegal Encroachment) की एक बड़ी कोशिश को वन विभाग ने समय रहते विफल कर दिया। कोंडागांव जिले से आए 53 आरोपियों को कोर ज़ोन (Core Zone) में अतिक्रमण की तैयारी करते हुए गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई Forest Protection Drive के तहत की गई।
कोर ज़ोन में खेती की तैयारी, पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी
जानकारी के अनुसार आरोपी महानदी कैचमेंट एरिया (Mahanadi Catchment Area) और हाथी–तेन्दुआ जैसे वन्यजीवों के विचरण वाले अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश कर गए थे। यहां खेती (Illegal Farming) के उद्देश्य से छोटे-छोटे पेड़-पौधों की कटाई और सफाई की जा रही थी, जो Wildlife Habitat के लिए गंभीर खतरा है।

सूचना मिलते ही Action Mode में वन अमला
घटना की सूचना मिलते ही सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी (Range Officer) और वनकर्मियों की संयुक्त टीम Action Mode में आ गई। मौके पर पहुंचकर वन अमले ने 53 नग कुल्हाड़ी (Axes Seized) जप्त कीं और सभी आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। यह ऑपरेशन Swift Forest Operation का उदाहरण माना जा रहा है।
गंभीर धाराओं में केस, 14 दिन की Judicial Remand
सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 27, 29, 31, 50, 51, 52 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1)(क)(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है। न्यायालय ने आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड (Judicial Remand) पर भेज दिया है। इन धाराओं में 3 से 7 वर्ष तक की सजा (Punishment Provision) का प्रावधान है।
तीन वर्षों में 750 हेक्टेयर से हटाया गया अतिक्रमण
टाइगर रिज़र्व प्रशासन के अनुसार बीते 3 वर्षों में 750 हेक्टेयर क्षेत्र से अवैध अतिक्रमण हटाया जा चुका है। यह उपलब्धि Conservation Success के रूप में देखी जा रही है और वन संरक्षण (Forest Conservation) की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
तीन परिक्षेत्रों की Joint Team ने की कार्रवाई
इस सख़्त कार्रवाई में एसडीओ भोपाल सिंह राजपूत, रेंजर सुशील सागर, डिप्टी रेंजर लोकेश्वर चौहान सहित तीन परिक्षेत्रों की Joint Forest Team की अहम भूमिका रही। टीमवर्क और त्वरित कार्रवाई से बड़ी क्षति टल गई।
सख़्त संदेश—जंगल से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
टाइगर रिज़र्व प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि Forest, Wildlife और Environment को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी Zero Tolerance Policy के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। जंगल से छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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