DRG दंपती के घर समेत 55 मकानों पर चला बुलडोजर : बीजापुर में लोग बोले-गांव जाएंगे तो नक्सली मार डालेंगे, टेंट में रात गुजारने को मजबूर
Bijapur Illegal Houses Demolished; 75 Families Homeless: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में न्यू बस स्टैंड के पीछे स्थित चट्टानपारा इलाके में आज अवैध अतिक्रमण बताते हुए प्रशासन ने 55 मकानों पर बुलडोजर चला दिया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में रहने वाले 55 परिवार बेघर हो गए हैं।
इस दौरान डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) दंपती का घर भी तोड़ा गया, जबकि जवान ड्यूटी पर गया हुआ है। घर में मौजूद उसकी पत्नी के मुताबिक, वे यहां 2006 से रह रहे हैं, और गांव में उनके पास कोई घर नहीं है। कार्रवाई के दौरान कई महिलाओं की रोती हुई तस्वीरें भी सामने आई हैं। महिलाएं सवाल कर रही थीं- हम कहां जाएंगे?

सुबह से जेसीबी के जरिए अवैध मकानों को ढहाया गया।
पीड़ित गंगा माड़वी का कहना है कि वे अपने परिवार के साथ पिछले 4 सालों से यहां रह रहे हैं। नक्सली हिंसा के कारण वे अपने गांव को छोड़कर यहां आए थे। प्रशासन से बातचीत के बाद उन्होंने घर बनाया और नियमित रूप से टैक्स भी जमा कर रहे थे। अब प्रशासन घरों को तोड़ रहा है। गांव वापस गए तो नक्सली मार देंगे।
गंगा के मुताबिक तीन महीने पहले उन्हें मकान खाली करने का नोटिस मिला था, जिस पर मामला कोर्ट में चल रहा है। उन्हें यह भरोसा भी दिलाया गया था कि घर नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन अब अचानक मकानों को गिराया जा रहा है।

महिलाओं रोते-रोते कहती रहीं- हम कहां जाएंगे, हमारा और कोई घर नहीं।

शुक्रवार को 55 मकानों को बुलडोजर से तोड़ा गया है।
कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए नगर पालिका परिषद बीजापुर के सीएमओ बीएल नुरेटी ने बताया कि 55 मकान न्यू बस स्टैंड के पीछे है। सभी को तोड़े जाएंगे। 20 मकान शांति नगर में है। जहां इसके बाद कार्रवाई होगी।
दैनिक भास्कर की टीम ने रात में मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से बातचीत की। जो परिवार कल तक अपने पक्के मकानों में बेफिक्री से सो रहे थे, वे आज उसी उजड़े हुए आशियाने के पास पॉलीथिन ढककर ठंड में रात बिताने को मजबूर हैं।
कार्रवाई के दौरान और उसके बाद प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए न तो पीने के पानी की व्यवस्था की गई और न ही भोजन उपलब्ध कराया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

कार्रवाई के दौरान अपने घर के सामने खड़ी होकर विरोध करती रही युवती।

तोड़े गए घर से सामानों को हटाकर अपनी किताबें देखती हुई बच्ची।

महिलाओं को खींच-खींचकर घर से बाहर निकाला गया।

मकान टूटने के बाद रहवासी कड़कड़ाती ठंड में टेंट लगाकर रात गुजारने को मजबूर।
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