: KTM बाइक के लिए दोस्त की हत्या: 3 दोस्तों ने शराब के नशे में रची थी साजिश, कब्र से शव निकालने पर खुला राज
Chhattisgarh Raigarh Friend killed after robbing KTM bike: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में तीन दोस्तों ने मिलकर KTM बाइक के लिए अपने ही दोस्त की हत्या कर दी। कब्र खोदकर जब शव बाहर निकाला गया तो पूरा मामला सामने आया। पुलिस ने एक नाबालिग समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना तमनार थाना क्षेत्र की है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम ने बताया कि घरघोड़ा के बिछिनरा निवासी टिकेश्वर लोधा 15 अक्टूबर से घर से लापता था। उसका शव 20 अक्टूबर को बांजीखोल गांव जाने वाली केंदाडोंगरी पहाड़ी पर मिला था। शुरुआती जांच में मामला हत्या का पाया गया।
पहचान न होने और सड़ने के कारण पुलिस ने शव को दफना दिया था। परिजनों के आने पर शव को कब्र से बाहर निकाला गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि टिकेश्वर को आखिरी बार कंचनपुर निवासी नरेंद्र उर्फ बोनू सारथी के साथ देखा गया था। पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह भाग चुका था।
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दोस्तों के साथ घूम रहा था टिकेश्वर
पुलिस को सूचना मिली कि 16 अक्टूबर को नरेंद्र, टिकेश्वर अपनी केटीएम बाइक पर सरायडीपा निवासी विजय चौहान और एक नाबालिग के साथ घूम रहे थे। 24 अक्टूबर को पुलिस ने विजय चौहान और नाबालिग को पकड़ा तो उन्होंने हत्या का राज उगल दिया। उन्होंने बताया कि केटीएम बाइक के लिए तीनों ने उसकी हत्या की।
नशे में बाइक हड़पने की साजिश
इसके बाद पुलिस ने 25 अक्टूबर को तराईमाल इलाके से नरेंद्र को गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में बताया कि 16 अक्टूबर को दोनों बाइक पर घूमने निकले थे। रास्ते में विजय और नाबालिग सरायडीपा में बैठकर घूमने चले गए।
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रोड़ोपाली होते हुए बांजीखोल जंगल में गए और चारों ने खूब शराब पी। फिर टिकेश्वर वहीं लेट गया। उस समय नरेंद्र ने टिकेश्वर से केटीएम बाइक हड़पने की साजिश रची। उसने बताया कि उसके पास ऐसी कोई बाइक नहीं है। तीनों बारी-बारी से उस बाइक का इस्तेमाल करते। उन्होंने लेटे हुए टिकेश्वर को मारने की सोची, लेकिन वह उठकर बैठ गया।
लकड़ी के डंडे से सिर पर वार किया, चाकू से गला रेत दिया
जिसके बाद चारों घरघोड़ा के एक ढाबे पर गए। नाबालिग को वहीं छोड़कर नरेंद्र और विजय पूरी रात बाइक पर घूमने लगे। सुबह होने पर वे फिर नाबालिग लड़के को अपने साथ ले गए। चारों उसकी बाइक पर बांजीखोल जंगल गए। वहां बाइक हड़पने की साजिश थी। इसलिए बाइक सड़क किनारे खड़ी कर पहाड़ पर चढ़ने लगे।
इसी बीच विजय ने जंगल में पड़े लकड़ी के डंडे से टिकेश्वर के सिर के पीछे वार करना शुरू कर दिया, फिर नरेंद्र ने अपने पास रखे चाकू से गर्दन पर वार कर दिया। नाबालिग ने उस पर पत्थरों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर नाबालिग, विजय चौहान और नरेंद्र सारथी को रिमांड पर जेल भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त लकड़ी, चाकू, पत्थर और केटीएम बाइक जब्त कर ली गई है।
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पहचान न होने और सड़ने के कारण पुलिस ने शव को दफना दिया था। परिजनों के आने पर शव को कब्र से बाहर निकाला गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि टिकेश्वर को आखिरी बार कंचनपुर निवासी नरेंद्र उर्फ बोनू सारथी के साथ देखा गया था। पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह भाग चुका था।
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दोस्तों के साथ घूम रहा था टिकेश्वर
पुलिस को सूचना मिली कि 16 अक्टूबर को नरेंद्र, टिकेश्वर अपनी केटीएम बाइक पर सरायडीपा निवासी विजय चौहान और एक नाबालिग के साथ घूम रहे थे। 24 अक्टूबर को पुलिस ने विजय चौहान और नाबालिग को पकड़ा तो उन्होंने हत्या का राज उगल दिया। उन्होंने बताया कि केटीएम बाइक के लिए तीनों ने उसकी हत्या की।
नशे में बाइक हड़पने की साजिश
इसके बाद पुलिस ने 25 अक्टूबर को तराईमाल इलाके से नरेंद्र को गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में बताया कि 16 अक्टूबर को दोनों बाइक पर घूमने निकले थे। रास्ते में विजय और नाबालिग सरायडीपा में बैठकर घूमने चले गए।
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लकड़ी के डंडे से सिर पर वार किया, चाकू से गला रेत दिया
जिसके बाद चारों घरघोड़ा के एक ढाबे पर गए। नाबालिग को वहीं छोड़कर नरेंद्र और विजय पूरी रात बाइक पर घूमने लगे। सुबह होने पर वे फिर नाबालिग लड़के को अपने साथ ले गए। चारों उसकी बाइक पर बांजीखोल जंगल गए। वहां बाइक हड़पने की साजिश थी। इसलिए बाइक सड़क किनारे खड़ी कर पहाड़ पर चढ़ने लगे।
इसी बीच विजय ने जंगल में पड़े लकड़ी के डंडे से टिकेश्वर के सिर के पीछे वार करना शुरू कर दिया, फिर नरेंद्र ने अपने पास रखे चाकू से गर्दन पर वार कर दिया। नाबालिग ने उस पर पत्थरों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर नाबालिग, विजय चौहान और नरेंद्र सारथी को रिमांड पर जेल भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त लकड़ी, चाकू, पत्थर और केटीएम बाइक जब्त कर ली गई है।
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