: 9000 पन्नों की चार्जशीट में घोटाले का कच्चा चिट्ठा: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में EOW ने पेश की चार्जशीट, अनवर ढेबर और AP की कहानी ?
Chhattisgarh Liquor Scam 15000 Pages Charge Sheet Presented: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने सोमवार को एपी त्रिपाठी, अनवर ढेबर समेत अन्य के खिलाफ 9 हजार पेज की चार्जशीट पेश की। ईओडब्ल्यू के अधिकारी 12 पैकेट में मामले से जुड़े दस्तावेज लेकर कोर्ट पहुंचे। इससे पहले ईडी ने आरोपियों के खिलाफ 10 हजार पेज की चार्जशीट दाखिल की थी।
Chhattisgarh Liquor Scam 15000 Pages Charge Sheet Presented: दरअसल, 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शराब घोटाला मामले में ईडी की रिपोर्ट के बाद ईओडब्ल्यू ने 17 जनवरी को केस दर्ज किया था। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने एपी त्रिपाठी, अनवर ढेबर, त्रिलोक सिंह ढिल्लों और अरविंद सिंह को पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया था।
ईडी ने 12 दिन पहले पेश की थी चार्जशीट
Chhattisgarh Liquor Scam 15000 Pages Charge Sheet Presented: करीब 12 दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाला मामले में रायपुर की पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। 10 हजार पेज की चार्जशीट के साथ 200 पेज की चार्जशीट भी पेश की गई थी। चार्जशीट में रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर, त्रिलोक ढिल्लों और आबकारी विभाग में अधिकारी रहे एपी त्रिपाठी को मास्टरमाइंड बताया गया है।
Chhattisgarh Liquor Scam 15000 Pages Charge Sheet Presented: दस्तावेजों में बताया गया कि आरोपियों ने मिलकर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया और बड़ा भ्रष्टाचार किया। यह भी बताया गया है कि इस पैसे का बंटवारा कुछ राजनीतिक भागीदारी से हुआ। चार्जशीट में कारोबारियों और अधिकारियों के बीच व्हाट्सएप चैट से लेकर शराब घोटाले के सिंडिकेट तक के काम का ब्योरा भी है।
अनवर और एपी मेरठ कोर्ट में होंगे पेश
Chhattisgarh Liquor Scam 15000 Pages Charge Sheet Presented: दूसरी ओर, फर्जी होलोग्राम मामले में यूपी एसटीएफ की टीम अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी को मेरठ कोर्ट में पेश करेगी। दोनों आरोपियों को यूपी एसटीएफ ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है। दोनों से लखनऊ में काफी देर तक पूछताछ की गई। इसमें कई खुलासे हुए हैं। अगर मेरठ कोर्ट दोनों आरोपियों को रिहा भी कर देती है तो ईओडब्ल्यू जांच का हवाला देकर उन्हें दोबारा हिरासत में ले सकती है।
Chhattisgarh Liquor Scam 15000 Pages Charge Sheet Presented: आबकारी नीति में किया गया था बदलाव ईडी ने अपनी चार्जशीट में बताया था कि किस तरह रायपुर के मेयर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के जरिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ। ईडी ने चार्जशीट में कहा है कि इससे पहले साल 2017 में बनी आबकारी नीति में बदलाव किया गया और शराब की बिक्री सीएसएमसीएल के जरिए की जाने लगी।
Chhattisgarh Liquor Scam 15000 Pages Charge Sheet Presented: 2019 के बाद अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को सीएसएमसीएल का एमडी बना दिया, जिसके बाद अफसरों, कारोबारियों, राजनीतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के जरिए भ्रष्टाचार किया गया। जिससे 2161 करोड़ का घोटाला हुआ।
Chhattisgarh Liquor Scam 15000 Pages Charge Sheet Presented: चार्जशीट के मुताबिक, भाजपा सरकार के दौरान नियम बनाया गया था कि सभी एजेंसियों से शराब खरीदकर दुकानों में बेची जाएगी। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने इसमें बदलाव किया और अपनी खास फर्मों को सप्लाई की जिम्मेदारी दे दी। अरुणपति त्रिपाठी सिंडिकेट का पार्ट बी थे
Chhattisgarh Liquor Scam 15000 Pages Charge Sheet Presented: सीएसएमसीएल के एमडी अरुणपति त्रिपाठी को अवैध शराब की बिक्री रोकनी थी, लेकिन नियुक्ति के बाद वे रिश्वत और कमीशन के लिए सिंडिकेट का हिस्सा बन गए। देशी शराब की एक पेटी पर 75 रुपए कमीशन दिया जाना था। त्रिपाठी डिस्टिलर और सप्लायर से कमीशन लेते थे और उसका हिसाब रखते थे। इसके बाद यह कमीशन अनवर ढेबर को दिया जाता था।
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