: CRPF जवान ने खुद को मारी गोली: सर्विस राइफल से की फायरिंग, जवानों को छुट्टी नहीं मिलना सुसाइड की सबसे बड़ी वजह
Chhattisgarh CRPF Haryana jawan suicide: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सीआरपीएफ के एक हेड कांस्टेबल ने आत्महत्या कर ली है। जवान पवन कुमार हरियाणा का रहने वाला था। शुक्रवार को उसने ड्यूटी के दौरान अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। मामला भैरमगढ़ थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, बीजापुर के पातरपारा में सीआरपीएफ 199 बटालियन का कैंप है। यहां तैनात जवान पवन कुमार शुक्रवार को मोर्चा क्रमांक-2 में ड्यूटी पर था। इसी बीच गोली की आवाज सुनकर कैंप के बाकी जवान मौके पर पहुंचे। पवन को तुरंत भैरमगढ़ अस्पताल लाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जवान को मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद भेजा जाएगा गृहग्राम
बताया जा रहा है कि जवान के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। इसके बाद शव को हरियाणा स्थित उसके घर भेजा जाएगा। जवान के आत्महत्या करने का कारण पता नहीं चल सका है।
2 ग्रामीणों की नक्सलियों ने की हत्या: पुलिस मुखबिर के आरोप में एक की धारदार हथियार से काटा, दूसरे को फांसी पर लटकाया
सुकमा में दो ग्रामीणों की हत्या
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने 2 ग्रामीणों की हत्या कर दी है। एक की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई और शव को गांव के पास ही फेंक दिया गया। जबकि दूसरे ग्रामीण को फंदे से लटका दिया गया। पुलिस मुखबिरी के आरोप में दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई है। मामला कोंटा और किस्टाराम थाना क्षेत्र का है।
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पोस्टमार्टम के बाद भेजा जाएगा गृहग्राम
बताया जा रहा है कि जवान के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। इसके बाद शव को हरियाणा स्थित उसके घर भेजा जाएगा। जवान के आत्महत्या करने का कारण पता नहीं चल सका है।
2 ग्रामीणों की नक्सलियों ने की हत्या: पुलिस मुखबिर के आरोप में एक की धारदार हथियार से काटा, दूसरे को फांसी पर लटकाया
सुकमा में दो ग्रामीणों की हत्या
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने 2 ग्रामीणों की हत्या कर दी है। एक की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई और शव को गांव के पास ही फेंक दिया गया। जबकि दूसरे ग्रामीण को फंदे से लटका दिया गया। पुलिस मुखबिरी के आरोप में दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई है। मामला कोंटा और किस्टाराम थाना क्षेत्र का है।
छुट्टी ना मिलना सुसाइड का सबसे बड़ा कारण
बस्तर के बीहड़ों में तैनात जवान सुसाइड कर रहे हैं। इनके सुसाइड की सबसे बड़ी वजह इन्हें समय पर छुट्टियां न मिलना है। हालांकि, कुछ जवान ऐसे भी हैं जो छुट्टी से लौटने के बाद ड्यूटी के दौरान सुसाइड किए हैं। इसकी वजह पारिवारिक कलह सामने आई है।
इसके अलावा फोर्स में बड़े अफसरों के साथ जवानों का कम्युनिकेशन गैप भी होता है, जिससे जवान अफसरों के सामने अपनी समस्या नहीं रख पाते हैं। इसके अलावा जवानों के बीच आपसी-मजाक मस्ती भी इनके सुसाइड करने या फिर अपने साथियों की ही हत्या करने की वजह है।
80% खुदकुशी छुट्टी से लौटने के बाद
- अर्ध सैनिक बलों में 2020 में 3,584 से बढ़कर 2022 में 4,940 हो गई मनोरोग रोगियों की संख्या।
- 2011 से 2023 तक 1,532 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने खुदकुशी की है (पूर्व अर्ध सैनिक बल कल्याण संघों के परिसंघ की रिपोर्ट)
- पिछले पांच वर्षों में 6 CAPF के 46,960 कर्मियों ने अपनी नौकरी छोड़ी है।
- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इससे निपटने के लिए अक्टूबर 2021 में टास्क फोर्स बनाई।
- टास्क फोर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि 80% आत्महत्याएं छुट्टी से लौटने के बाद।
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