Logo
Breaking News Exclusive
नेशनल हाइवे पर चक्काजाम, पिता बोले- अगर समय पर इलाज होता तो बेटा आज जिंदा होता 4 बैंक खाते, 20 चक्कर, फिर भी नहीं मिला पैसा, घर भी टूटा, प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर बताई पीड़ा बाल पकड़कर घसीटा, नोच-नोचकर मारा, जानिए क्या है LOVE अफेयर कनेक्शन ? Mohan Yadav सरकार ने दिए सिंहस्थ के लिए 3 हजार करोड़ का बजट, 26 प्रोजेक्ट अभी कागजों में सुपेबेड़ा के शख्स ने एम्स में तोड़ा दम, डायलिसिस फिस्टुला हो गया था ब्लॉक, अभी भी 40 से ज्यादा मरीज एक-दूसरे को देखकर काटने की कही बात, स्टूडेंट्स के हाथों पर गहरे निशान मिले पति-पत्नी और 4 साल की बच्ची की दम घुटने से मौत, बंद कमरे में भर गया जहरीला धुआं सुसाइड नोट में देहदान की इच्छा, आज फिजिकल एजुकेशन का पेपर था सराफा कारोबारी पर पिस्टल तानकर हमला, 50 टांके लगे, आईसीयू में भर्ती, कार समेत सोना ले भागे बदमाश गरियाबंद में रुचि नहीं दिखा रहे मीलर्स, बफर लिमिट से 8 गुना ज्यादा स्टॉक, क्या फिर दोहराए जाएंगे घोटाले? नेशनल हाइवे पर चक्काजाम, पिता बोले- अगर समय पर इलाज होता तो बेटा आज जिंदा होता 4 बैंक खाते, 20 चक्कर, फिर भी नहीं मिला पैसा, घर भी टूटा, प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर बताई पीड़ा बाल पकड़कर घसीटा, नोच-नोचकर मारा, जानिए क्या है LOVE अफेयर कनेक्शन ? Mohan Yadav सरकार ने दिए सिंहस्थ के लिए 3 हजार करोड़ का बजट, 26 प्रोजेक्ट अभी कागजों में सुपेबेड़ा के शख्स ने एम्स में तोड़ा दम, डायलिसिस फिस्टुला हो गया था ब्लॉक, अभी भी 40 से ज्यादा मरीज एक-दूसरे को देखकर काटने की कही बात, स्टूडेंट्स के हाथों पर गहरे निशान मिले पति-पत्नी और 4 साल की बच्ची की दम घुटने से मौत, बंद कमरे में भर गया जहरीला धुआं सुसाइड नोट में देहदान की इच्छा, आज फिजिकल एजुकेशन का पेपर था सराफा कारोबारी पर पिस्टल तानकर हमला, 50 टांके लगे, आईसीयू में भर्ती, कार समेत सोना ले भागे बदमाश गरियाबंद में रुचि नहीं दिखा रहे मीलर्स, बफर लिमिट से 8 गुना ज्यादा स्टॉक, क्या फिर दोहराए जाएंगे घोटाले?

: Bhopal Gas Tragedy: क्या हुआ था 2-3 दिसंबर 1984 की रात, अतिरिक्त मुआवजे वाली याचिका SC ने क्यों की खारिज?

News Desk / Tue, Mar 14, 2023


भोपाल गैस त्रासदी

भोपाल गैस त्रासदी - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सरकार ने 1984 के भोपाल गैस कांड के पीड़ितों के लिए मुआवजा बढ़ाने की मांग की थी। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड से जुड़े इस मामले में 2010 में ही उपचारात्मक याचिका (क्यूरेटिव पिटीशन) दाखिल हुई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में फैसला सुरक्षित रख लिया था। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक, केंद्र सरकार स्वयं बीमा पॉलिसी जारी करने में विफल रही। 

आइये जानते  हैं कि भोपाल गैस कांड में अभी क्या हुआ है? केंद्र सरकार की मांग क्या थी? पूरा मामला क्या है? दो-तीन दिसंबर की रात क्या हुआ था?


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन