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BJP ने डॉ. अरविंद नाथ को सौंपी चिकित्सा प्रकोष्ठ की कमान, स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव पहुंचाने का संकल्प पति ने बच्चों को जहर देकर पत्नी की हत्या की, फिर खुद फंदे से लटका, शादी कार्ड देने आए युवक से खुला राज धमतरी में बैंड पार्टी से धक्का-मुक्की के बाद मारा चाकू, 4 घायल, 7 आरोपी गिरफ्तार आपसी सौहार्द बनाए रखने को बनाया सख्त फैसला, शराब बेचने और धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों में पीकर जाने पर भी फाइन 26 फरवरी से नामांकन, एक सीट भाजपा और एक कांग्रेस को लगभग तय, इन नामों की चर्चा 1.87 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत, ड्राफ्ट के बाद दावे-आपत्तियों से 2.34 लाख मतदाताओं की वृद्धि 22 खरीदी केंद्र से 600 ट्रक धान उठा, लेकिन पावती ही नहीं, कहीं करोड़ों की साजिश तो नहीं ? मंत्रीजी के विधानसभा से सबसे ज्यादा नाम कटे, डिंडौरी-अनूपपुर में भी कटौती, जानिए सबसे कम वोटर्स कहां ? 4 युवकों की रोड़ पर बिछी लाश, कहीं बस ने कुचला तो कहीं रफ्तार का कहर, पढ़िए खूनी सड़क की कहानी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ रद्द किए, भारत पर लगा 18% टैरिफ भी अवैध घोषित BJP ने डॉ. अरविंद नाथ को सौंपी चिकित्सा प्रकोष्ठ की कमान, स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव पहुंचाने का संकल्प पति ने बच्चों को जहर देकर पत्नी की हत्या की, फिर खुद फंदे से लटका, शादी कार्ड देने आए युवक से खुला राज धमतरी में बैंड पार्टी से धक्का-मुक्की के बाद मारा चाकू, 4 घायल, 7 आरोपी गिरफ्तार आपसी सौहार्द बनाए रखने को बनाया सख्त फैसला, शराब बेचने और धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों में पीकर जाने पर भी फाइन 26 फरवरी से नामांकन, एक सीट भाजपा और एक कांग्रेस को लगभग तय, इन नामों की चर्चा 1.87 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत, ड्राफ्ट के बाद दावे-आपत्तियों से 2.34 लाख मतदाताओं की वृद्धि 22 खरीदी केंद्र से 600 ट्रक धान उठा, लेकिन पावती ही नहीं, कहीं करोड़ों की साजिश तो नहीं ? मंत्रीजी के विधानसभा से सबसे ज्यादा नाम कटे, डिंडौरी-अनूपपुर में भी कटौती, जानिए सबसे कम वोटर्स कहां ? 4 युवकों की रोड़ पर बिछी लाश, कहीं बस ने कुचला तो कहीं रफ्तार का कहर, पढ़िए खूनी सड़क की कहानी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ रद्द किए, भारत पर लगा 18% टैरिफ भी अवैध घोषित

: Bhopal Gas Tragedy: क्या हुआ था 2-3 दिसंबर 1984 की रात, अतिरिक्त मुआवजे वाली याचिका SC ने क्यों की खारिज?

News Desk / Tue, Mar 14, 2023


भोपाल गैस त्रासदी

भोपाल गैस त्रासदी - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सरकार ने 1984 के भोपाल गैस कांड के पीड़ितों के लिए मुआवजा बढ़ाने की मांग की थी। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड से जुड़े इस मामले में 2010 में ही उपचारात्मक याचिका (क्यूरेटिव पिटीशन) दाखिल हुई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में फैसला सुरक्षित रख लिया था। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक, केंद्र सरकार स्वयं बीमा पॉलिसी जारी करने में विफल रही। 

आइये जानते  हैं कि भोपाल गैस कांड में अभी क्या हुआ है? केंद्र सरकार की मांग क्या थी? पूरा मामला क्या है? दो-तीन दिसंबर की रात क्या हुआ था?


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