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इसमें एक 11 साल का बच्चा भी, खेतों में धान रोपाई कर रहे लोग चपेट में आए, 4 से ज्यादा घायल 9 लोग घायल, तेज रफ्तार कार का टायर फटने से हादसा, लहराते हुए खेत में गिरी बीच सड़क पर हैवानियत, सिर से बहने लगा खून तो बेहोश हुई, 1 साल से अलग रह रही थी महिला सोमवार सुबह मिला शव, किनारे से 10 मीटर पहले फंसा पैर, बचाने के लिए दोस्त ने पकड़ा हाथ, फिर छूटा साथ किचन में खाना बनाते समय कुल्हाड़ी से काटा, दूसरी पत्नी के साथ अलग रहता था आरोपी पति NEET पेपर लीक पर 36 दिन से डटे है प्रदर्शनकारी; जंतर-मंतर पर पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे अमरकंटक समेत अनूपपुर के 7 थाना प्रभारी बदले गए, देखें आपके इलाके में कौन बना नया TI घर में झाड़-फूंक कर रहे तांत्रिक की कुल्हाड़ी से हत्या, आरोपी बोला- जादू-टोने से मार दिए मेरे बच्चे गरियाबंद में NH पर कीचड़ में फंसी गाड़ियां, पुलिस जवानों की गाड़ियां भी जाम की लंबी कतार में वन विभाग की बोलेरो और ट्रक में जोरदार भिड़ंत, उड़े परखच्चे, 8 कर्मचारियों की हालत नाजुक इसमें एक 11 साल का बच्चा भी, खेतों में धान रोपाई कर रहे लोग चपेट में आए, 4 से ज्यादा घायल 9 लोग घायल, तेज रफ्तार कार का टायर फटने से हादसा, लहराते हुए खेत में गिरी बीच सड़क पर हैवानियत, सिर से बहने लगा खून तो बेहोश हुई, 1 साल से अलग रह रही थी महिला सोमवार सुबह मिला शव, किनारे से 10 मीटर पहले फंसा पैर, बचाने के लिए दोस्त ने पकड़ा हाथ, फिर छूटा साथ किचन में खाना बनाते समय कुल्हाड़ी से काटा, दूसरी पत्नी के साथ अलग रहता था आरोपी पति NEET पेपर लीक पर 36 दिन से डटे है प्रदर्शनकारी; जंतर-मंतर पर पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे अमरकंटक समेत अनूपपुर के 7 थाना प्रभारी बदले गए, देखें आपके इलाके में कौन बना नया TI घर में झाड़-फूंक कर रहे तांत्रिक की कुल्हाड़ी से हत्या, आरोपी बोला- जादू-टोने से मार दिए मेरे बच्चे गरियाबंद में NH पर कीचड़ में फंसी गाड़ियां, पुलिस जवानों की गाड़ियां भी जाम की लंबी कतार में वन विभाग की बोलेरो और ट्रक में जोरदार भिड़ंत, उड़े परखच्चे, 8 कर्मचारियों की हालत नाजुक

: Bhopal Gas Tragedy: क्या हुआ था 2-3 दिसंबर 1984 की रात, अतिरिक्त मुआवजे वाली याचिका SC ने क्यों की खारिज?

News Desk / Tue, Mar 14, 2023


भोपाल गैस त्रासदी

भोपाल गैस त्रासदी - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सरकार ने 1984 के भोपाल गैस कांड के पीड़ितों के लिए मुआवजा बढ़ाने की मांग की थी। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड से जुड़े इस मामले में 2010 में ही उपचारात्मक याचिका (क्यूरेटिव पिटीशन) दाखिल हुई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में फैसला सुरक्षित रख लिया था। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक, केंद्र सरकार स्वयं बीमा पॉलिसी जारी करने में विफल रही। 

आइये जानते  हैं कि भोपाल गैस कांड में अभी क्या हुआ है? केंद्र सरकार की मांग क्या थी? पूरा मामला क्या है? दो-तीन दिसंबर की रात क्या हुआ था?


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