Logo
Breaking News Exclusive
बंद घर से 5 दिन बाद उठी दुर्गंध तो खुला राज, मायके ले जाने आई थी मां, पति पर करतूत का शक लड़कियों ने पासेस के प्रचार के लिए बनाया वीडियो, बजरंग दल पहुंचा SP दफ़्तर, कार्रवाई की मांग मंत्री ने शिविर में गिनाईं उपलब्धियां, लौटते वक्त PM आवास हितग्राही का रेत-ट्रैक्टर जब्त कर लिया ओवरटेक करते समय पिकअप से टकराई बाइक, ट्रक के पहिए तले कुचला; भड़के ग्रामीणों का चक्काजाम 70 KM दूर कलेक्टर से मिलने निकले 200 बच्चे, 15 KM चले, पीछे-पीछे चलती रहीं बसें, अफसरों की नहीं सुनी कॉलोनी की गलियों में घूमते दिखा, देखकर भागे बिजली कर्मी; रातभर अंधेरे में रहे रहवासी 4 घंटे तक ठप रखा था अमरकंटक हाईवे, कॉलेज में बस और सड़क के लिए किया था प्रदर्शन  भुवनेश्वर की 4 साल बाद Team India में वापसी, New Zealand T20 Squad में Vaibhav Suryavanshi बरकरार CEC Gyanesh Kumar से मिलने की जिद; 250 प्रदर्शनकारी पकड़े गए टाइगर रिजर्व में दौड़े 250 लोग, हॉर्नबिल संरक्षण का दिया संदेश बंद घर से 5 दिन बाद उठी दुर्गंध तो खुला राज, मायके ले जाने आई थी मां, पति पर करतूत का शक लड़कियों ने पासेस के प्रचार के लिए बनाया वीडियो, बजरंग दल पहुंचा SP दफ़्तर, कार्रवाई की मांग मंत्री ने शिविर में गिनाईं उपलब्धियां, लौटते वक्त PM आवास हितग्राही का रेत-ट्रैक्टर जब्त कर लिया ओवरटेक करते समय पिकअप से टकराई बाइक, ट्रक के पहिए तले कुचला; भड़के ग्रामीणों का चक्काजाम 70 KM दूर कलेक्टर से मिलने निकले 200 बच्चे, 15 KM चले, पीछे-पीछे चलती रहीं बसें, अफसरों की नहीं सुनी कॉलोनी की गलियों में घूमते दिखा, देखकर भागे बिजली कर्मी; रातभर अंधेरे में रहे रहवासी 4 घंटे तक ठप रखा था अमरकंटक हाईवे, कॉलेज में बस और सड़क के लिए किया था प्रदर्शन  भुवनेश्वर की 4 साल बाद Team India में वापसी, New Zealand T20 Squad में Vaibhav Suryavanshi बरकरार CEC Gyanesh Kumar से मिलने की जिद; 250 प्रदर्शनकारी पकड़े गए टाइगर रिजर्व में दौड़े 250 लोग, हॉर्नबिल संरक्षण का दिया संदेश

: Bandhavgarh Tiger Reserve: भूख और प्यास से तेंदुए के दो शावकों ने दम तोड़ा, प्रबंधन मां का पता लगाने में जुटा

News Desk / Sun, Nov 20, 2022


बांधवगढ टाइगर रिजर्व में सोमवार को तेंदुए के दो शावकों की भूख-प्यास से मौत होने का जानकारी सामने आई

बांधवगढ टाइगर रिजर्व में सोमवार को तेंदुए के दो शावकों की भूख-प्यास से मौत होने का जानकारी सामने आई - फोटो : सोशल मीडिया

ख़बर सुनें

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बांधवगढ टाइगर रिजर्व में सोमवार को तेंदुए के दो शावकों की भूख-प्यास से मौत होने का जानकारी सामने आई है। दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। प्रबंधन के मुताबिक मां से शावक अलग हो गए थे जिस वजह से भखे-प्यासे थे। उन्हें इलाज देकर बचाने की कोशिशें भी सफल नहीं रहीं।

जानकारी के अनुसार पनपथा बफर परिक्षेत्र के बटुराहार इलाके में तेंदुए के दो शावक गश्ती टीम को बेसुध पड़े मिले थे। प्रबंधन की ओर से बताया गया कि इलाज दिया जा रहा था, पर तीन-चार घंटे में एक शावक की मौत हो गई, वहीं देर रात दूसरे बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. नितिन गुप्ता ने बताया कि दोनो शावकों के पेट पूरी तरह खाली थे, सम्भवतः मौत की यही वजह रही हो। हालांकि तत्काल इलाज दिया गया, परन्तु बचाए नही जा सके। पार्क प्रबंधन डॉग स्क्वाड की मदद से शावकों की मां को ढूंढ़ने में जुटा हुआ है। प्रबंधन के मुताबिक मां से शावक अलग हो गए थे जिससे शावक भूखे-प्यासे थे। 

वन्य प्राणी विशेषज्ञों की मानें तो मादा तेंदुआ अक्सर अपने मजबूत शावक को सुरक्षित रखने कमज़ोर शावकों को छोड़ देती है, इस मामले में भी सम्भवतः ऐसा हो सकता है कि मादा तेंदुए ने अपने मजबूत शावक को सुरक्षित रखने इन दोनों कमज़ोर शावकों को जंगल मे ही छोड़ा हो। गश्ती दल ने उन्हें बचाने का प्रयास किया परन्तु दुर्भाग्य से दोनो ने जान गंवा दी। 

विस्तार

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बांधवगढ टाइगर रिजर्व में सोमवार को तेंदुए के दो शावकों की भूख-प्यास से मौत होने का जानकारी सामने आई है। दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। प्रबंधन के मुताबिक मां से शावक अलग हो गए थे जिस वजह से भखे-प्यासे थे। उन्हें इलाज देकर बचाने की कोशिशें भी सफल नहीं रहीं।

जानकारी के अनुसार पनपथा बफर परिक्षेत्र के बटुराहार इलाके में तेंदुए के दो शावक गश्ती टीम को बेसुध पड़े मिले थे। प्रबंधन की ओर से बताया गया कि इलाज दिया जा रहा था, पर तीन-चार घंटे में एक शावक की मौत हो गई, वहीं देर रात दूसरे बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. नितिन गुप्ता ने बताया कि दोनो शावकों के पेट पूरी तरह खाली थे, सम्भवतः मौत की यही वजह रही हो। हालांकि तत्काल इलाज दिया गया, परन्तु बचाए नही जा सके। पार्क प्रबंधन डॉग स्क्वाड की मदद से शावकों की मां को ढूंढ़ने में जुटा हुआ है। प्रबंधन के मुताबिक मां से शावक अलग हो गए थे जिससे शावक भूखे-प्यासे थे। 

वन्य प्राणी विशेषज्ञों की मानें तो मादा तेंदुआ अक्सर अपने मजबूत शावक को सुरक्षित रखने कमज़ोर शावकों को छोड़ देती है, इस मामले में भी सम्भवतः ऐसा हो सकता है कि मादा तेंदुए ने अपने मजबूत शावक को सुरक्षित रखने इन दोनों कमज़ोर शावकों को जंगल मे ही छोड़ा हो। गश्ती दल ने उन्हें बचाने का प्रयास किया परन्तु दुर्भाग्य से दोनो ने जान गंवा दी। 


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन