Shubhangi Mishra Umaria Success Story, MP Police Constable Shubhangi, NEET Success Failure Story, Umaria News, Shahdol News, Positive News MP.
21 साल की लड़की को 2 महीने में 5 सरकारी नौकरियां मिली : SI, ASI स्टेनो और पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में झंडे गाड़े, लेकिन MBBS सीट नहीं मिला, पढ़िए शहडोल संभाग के शुभांगी की कहा
Wed, Aug 5, 2026
एक असफलता कभी आपकी मंजिल तय नहीं कर सकती— इस बात को एमपी के उमरिया जिले के शाहपुर गांव की रहने वाली 21 वर्षीय शुभांगी मिश्रा ने सच साबित कर दिखाया है। NEET जैसी कठिन परीक्षा में 570 अंक हासिल करने के बावजूद जब MBBS में प्रवेश नहीं मिला, तो शुभांगी ने निराश होने के बजाय अपनी दिशा बदली।
महज दो महीने की कड़ी मेहनत और सेल्फ स्टडी (Self Study) के दम पर उन्होंने एक-दो नहीं बल्कि 5 सरकारी नौकरियों में चयन पाकर पूरे मध्य प्रदेश में मिसाल कायम की है।
NEET से लेकर 5 सरकारी नौकरियों तक का सफर
शुभांगी ने शहडोल के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से 12वीं (हिंदी माध्यम) की पढ़ाई की। कोविड-19 के दौरान उन्होंने बिना किसी कोचिंग के, सीमित संसाधनों में अंग्रेजी माध्यम की किताबों से सेल्फ स्टडी कर NEET की तैयारी की।
NEET के पहले प्रयास में उन्हें 400 अंक मिले। दूसरे प्रयास में उन्होंने कड़ी मेहनत से 570 अंक हासिल किए, लेकिन कटऑफ की वजह से MBBS की सीट से चूक गईं।
एमबीबीएस में चयन न होने के बाद शुभांगी ने प्रतियोगी परीक्षाओं का रुख किया और रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई की।
नतीजतन, उनका चयन एक साथ 5 पदों पर हुआ
MP पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI)
सहायक उपनिरीक्षक (ASI स्टेनो)
सूबेदार (एम)
SSC स्टेनोग्राफर
MP पुलिस आरक्षक (कॉन्स्टेबल)
वर्तमान में शुभांगी मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर प्रशिक्षण (Training) ले रही हैं।
सोशल मीडिया से पूरी दूरी, मोबाइल सिर्फ पढ़ाई का साधन
शुभांगी के पिता श्याम कुमार मिश्रा (जो पुलिस महानिरीक्षक शहडोल जोन कार्यालय में प्रधान आरक्षक हैं) ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही काफी अनुशासित रही है।
शुभांगी का किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (FB, Insta, WhatsApp) पर कोई अकाउंट नहीं है।
तैयारी के दौरान उन्होंने मोबाइल का उपयोग केवल ऑनलाइन क्लासेस, पढ़ाई और अध्ययन सामग्री देखने के लिए किया, जिसने उनकी एकाग्रता को बनाए रखा।
अगला लक्ष्य- UPSC: युवाओं को दी खास सलाह
5 सरकारी नौकरियों में सिलेक्शन के बाद भी शुभांगी रुकी नहीं हैं। वे अभी भी ड्यूटी और ट्रेनिंग के साथ रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई कर सिविल सर्विसेज (UPSC) की तैयारी में जुटी हैं।
शुभांगी का संदेश
"किसी एक परीक्षा में सफल न होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी क्षमता खत्म हो गई। खुद पर भरोसा रखें, अनुशासन बनाए रखें और लक्ष्य पर टिके रहें। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, लगातार किया गया प्रयास ही आपको आपकी मंजिल तक पहुंचाता है।"