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राजेंद्रग्राम TI के बेटे के कत्ल की इनसाइड स्टोरी : 3 दोस्तों ने चाकू से काट डाला, तड़पा-तड़पाकर मारा, जानिए क्यों हुआ कांग्रेस नेता का मर्डर ?
Thu, Jul 30, 2026
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अमित कोल की मंगलवार रात सरेराह चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। वारदात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांति विहार स्थित एचडीएफसी बैंक के पास हुई, जहां दो बाइक पर पहुंचे तीन युवकों ने अमित कोल पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अमित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस हत्याकांड ने पूरे रीवा में सनसनी फैला दी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि हत्या करने वाले कोई और नहीं, बल्कि अमित कोल के ही दोस्त थे।
कौन थे अमित कोल?
अमित कोल रीवा कांग्रेस के सक्रिय आदिवासी नेता थे। वह कांग्रेस के एसटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष थे और वार्ड क्रमांक-4 से पार्षद पद का चुनाव भी लड़ चुके थे। सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान थी।
पिता के रिटायरमेंट से पहले परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अमित कोल के पिता पी.सी. कोल मध्य प्रदेश पुलिस में अधिकारी हैं और वर्तमान में अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ हैं। उनका 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होना तय है। रिटायरमेंट से महज तीन दिन पहले बेटे की हत्या की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
वारदात कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार मंगलवार रात करीब 10 बजे अमित कोल शांति विहार स्थित एचडीएफसी बैंक के पास एक दुकान पर सिगरेट लेने पहुंचे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और बिना किसी बहस या विवाद के उन पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया।
हमला इतना अचानक और तेज था कि अमित को संभलने का मौका नहीं मिला। लगातार किए गए चाकू के वार से वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने किसी तरह की बहस या कहासुनी नहीं की। उन्होंने सीधे अमित को निशाना बनाया और लगातार चाकुओं से वार करते रहे। कई गंभीर चोट लगने से अमित मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।
लोगों ने पकड़ने की कोशिश की, आरोपी बाइक छोड़कर भागे
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की। भीड़ बढ़ती देख तीनों आरोपी अपनी दोनों मोटरसाइकिलें मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए पैदल फरार हो गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल अमित को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर जुटाए सबूत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह, दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दो सीएसपी, थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अहम साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने घटनास्थल से आरोपियों द्वारा छोड़ी गई दोनों मोटरसाइकिलें जब्त कर लीं। इनके रजिस्ट्रेशन नंबर और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कार्रवाई शुरू की गई। साथ ही सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया।
हत्या के पीछे क्या निकली वजह?
शुरुआती जांच में पुलिस ने पुरानी रंजिश, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, व्यक्तिगत विवाद और अन्य संभावित पहलुओं की जांच की। बाद में जांच में सामने आया कि हत्या की वजह राजनीतिक नहीं, बल्कि आपसी विवाद था।
दोस्त ही निकले कातिल
रीवा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी ने बताया कि इस मामले में लकी दाहिया, मोनू दाहिया और अंकित दाहिया आरोपी हैं। तीनों मृतक अमित कोल के दोस्त थे। पुलिस के मुताबिक, कुछ समय पहले एक पार्टी के दौरान अमित कोल और तीनों आरोपियों के बीच विवाद हो गया था। उसी विवाद का बदला लेने के लिए तीनों ने मिलकर अमित कोल की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी।
तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हत्या की योजना कब बनाई गई और वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया।
घटना के बाद कांग्रेस और आदिवासी समाज में आक्रोश
अमित कोल की हत्या के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज में भारी नाराजगी है। बड़ी संख्या में समर्थक अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल भी तैनात किया।
जांच अभी जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जब्त मोटरसाइकिलों, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस का दावा है कि हत्याकांड से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्य सामने लाए जाएंगे।
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Fri, Jun 26, 2026
Anuppur Murder Case: Live-in Partner Arrested After Brutal Killing of Woman | MP Crime News: कुछ रिश्ते वक्त के साथ मजबूत होते हैं, तो कुछ रिश्ते धीरे-धीरे अपने भीतर शक, गुस्से और हिंसा का जहर पालने लगते हैं। जब भरोसे की जगह मारपीट और बेरहमी ले ले, तो प्यार का अंत अक्सर सन्नाटे, खून और लाश पर जाकर होता है। इस कहानी में भी एक महिला ने अपने पुराने परिवार से अलग होकर जिस शख्स के साथ नई जिंदगी शुरू की, उसी ने उसकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक अंत लिख दिया।
Anuppur Murder Case: Live-in Partner Arrested After Brutal Killing of Woman | MP Crime News:पहले कहानी गढ़ी गई कि महिला नाली पर गिर गई थी, लेकिन शरीर पर मौजूद जख्म झूठ नहीं बोल सके। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों हाथों की टूटी हड्डियां, सिर और पेट पर गंभीर चोटें और इंटरनल ब्लीडिंग ने साफ कर दिया कि यह हादसा नहीं, बल्कि बेरहमी से की गई हत्या थी।
Anuppur Murder Case: Live-in Partner Arrested After Brutal Killing of Woman | MP Crime News: इसके बाद पुलिस ने महिला के लिव-इन पार्टनर सफी खान को गिरफ्तार कर हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। यह सनसनीखेज मामला मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र का है।
पति और बच्चों को छोड़कर शुरू की थी नई जिंदगी
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय ने बताया कि मृतका की पहचान जानकीबाई गोंड (42 वर्ष) के रूप में हुई है। करीब तीन साल पहले वह अपने पति और बच्चों को छोड़कर जमुना इलाके में अपनी बहन के पास रहने आ गई थी।
इसी दौरान उसकी मुलाकात पड़ोस में रहने वाले सफी खान (40 वर्ष) से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और कुछ समय बाद सफी खान ने जीएम बंगले के पास कॉलरी की जमीन पर एक मकान बनाया, जहां दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। पुलिस के मुताबिक, दोनों ही नशे के आदी थे।
22 जून... जब प्यार की कहानी खूनी वारदात में बदल गई
22 जून को जानकीबाई सुबह घर से निकली थी और पूरे दिन वापस नहीं लौटी। शाम को जब वह घर पहुंची तो सफी खान ने उससे दिनभर बाहर रहने की वजह पूछी। बात शुरू हुई, फिर बहस में बदल गई और देखते ही देखते गुस्से ने हिंसा का रूप ले लिया।
पुलिस जांच के मुताबिक, सफी खान ने लाठी-डंडे से जानकीबाई पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसने इतनी बेरहमी से पीटा कि महिला के दोनों हाथों की हड्डियां टूट गईं। सिर और पेट पर गंभीर चोटें आईं। लगातार मारपीट के कारण इंटरनल ब्लीडिंग शुरू हो गई और कुछ ही देर में कमरे के अंदर ही जानकीबाई ने दम तोड़ दिया।
मां से बोला- नाली पर गिरने से हुई मौत
वारदात के बाद सफी खान ने पूरी घटना को हादसा साबित करने की कोशिश की। जब उसकी मां घर पहुंची तो उसने झूठ बोलते हुए कहा कि जानकीबाई नाली पर गिर गई थी और सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
सफी खान की मां ने इसी जानकारी के आधार पर भालूमाड़ा थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो शव पर कई चोटों के निशान दिखाई दिए। यहीं से पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोल दिया हत्या का राज
शुरुआत में मामला संदिग्ध मौत का माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। रिपोर्ट में दोनों हाथों की हड्डियां टूटने, सिर और पेट पर गंभीर चोटें तथा इंटरनल ब्लीडिंग से मौत की पुष्टि हुई।
इससे साफ हो गया कि जानकीबाई की मौत किसी हादसे में गिरने से नहीं, बल्कि बेरहमी से की गई मारपीट के कारण हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने सफी खान के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया।
पड़ोसियों ने भी बताया- घर में हुई थी मारपीट
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी सफी खान पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा। इस दौरान पुलिस ने आसपास के लोगों और पड़ोसियों से पूछताछ की। पड़ोसियों ने भी घटना वाले दिन दोनों के बीच विवाद और मारपीट होने की बात स्वीकार की। इससे पुलिस का शक और मजबूत हो गया।
मुखबिर की सूचना पर दबोचा गया आरोपी
पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि सफी खान जमुना क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
भालूमाड़ा थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आरोपी सफी खान के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की जांच कर रही है।
Anuppur Murder Case: Live-in Partner Arrested After Brutal Killing of Woman | MP Crime News: तीन साल पहले जिस रिश्ते को जानकीबाई ने नई जिंदगी की शुरुआत समझा था, उसी रिश्ते का अंत एक कमरे में बिखरे खून, टूटी हड्डियों और एक लाश के साथ हुआ। प्यार की यह कहानी आखिरकार अदालत और पुलिस की फाइलों में दर्ज एक हत्या बनकर रह गई।
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