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: Navratri 2022: यहां दूध की धार के बाद निकली थी मां हरसिद्धी की प्रतिमा, 25 वर्षों से आदिवासी दंपती कर रहे पूजा

News Desk / Wed, Sep 28, 2022


मध्यप्रदेश के दमोह जिले से 80 किमी दूर एक झोपड़ी में मां हरसिद्धि की  दिव्य प्रतिमा स्थापित है। कहा जाता है कि करीब 28 साल पहले एक पत्थर के नीचे दूध की धार निकली फिर उसके नीचे से मां हरसिद्धि की प्रतिमा प्रकट हुई थी। तब से लेकर आज तक मां हरसिद्धि की पूजा वृद्ध आदिवासी दंपती कर रहे हैं।

जिला मुख्यालय से 80 किमी दूर तेंदूखेड़ा ब्लॉक के ग्राम धनगौर में मां हरसिद्धी की प्रतिमा विराजमान है। जहां पिछले 28 वर्षों से मां भक्तों को दर्शन दे रही हैं। यहां एक दंपती पिछले 25 वर्षों से मातारानी की सेवा करते आ रहे हैं। माता की प्रतिमा 28 वर्ष पूर्व जंगल में एक पत्थर के नीचे से दूध की धार के नीचे से निकली थी।

माता की पूजा करने वाले परम आदिवासी और उनकी पत्नी ने बताया कि पत्थर के नीचे से दूध निकलने की जानकारी ग्रामीणों को लगने के बाद यहां हजारों लोगों की भीड़ इस नजारे को देखने उमड़ी थी। ग्रामीणों ने जब पत्थर उठाया तो मां हरसिद्धी की छोटे आकार की प्रतिमा मिली, जिसे बाद में उसी जगह स्थापित कर दिया और बाद में यहां पूजा-पाठ के साथ मेला लगना शुरू हो गया। दूर- दराज के लोगों ने यहां आकर जो मन्नत मांगी वह पूरी हुई। हालांकि कुछ समय बाद दूध की धारा बंद हो गई। धनगोर में आज भी यह परंपरा है कि किसी भी त्यौहार या आयोजन के पहले माता हरसिद्धी का पूजन होता है।
 


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