: क्रिकेटर चहल और धनश्री का 4 साल बाद तलाक: 4.75 करोड़ गुजारा भत्ते पर हुआ समझौता, हाईकोर्ट के आदेश के बाद फैमिली कोर्ट का फैसला
चहल और धनश्री मास्क पहने दिखे, एक घंटे तक रहे
चहल और धनश्री करीब एक घंटे तक कोर्ट में रहे। दोनों ने ही चेहरे पर मास्क पहना हुआ था। धनश्री ने सफेद टॉप और नीली जींस के साथ काला सनग्लास पहना हुआ था। दोनों ने मीडिया से कोई बात नहीं की। दोनों बिना कोई बयान दिए कोर्ट रूम के अंदर चले गए।
चहल की टी-शर्ट पर 'बी योर ओन शुगर डैडी' लिखा हुआ था, जिसका मतलब है 'आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना' और 'अपना ख्याल रखना', 'आर्थिक मदद के लिए किसी और पर निर्भर न रहना'। यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
शादी के डेढ़ साल बाद रिश्ते बिगड़े, ढाई साल से अलग रह रहे थे
- धनश्री वर्मा ने झलक दिखला जा-11 के एक एपिसोड के दौरान युजवेंद्र चहल के साथ अपनी लव स्टोरी के बारे में खुलासा किया था। धनश्री ने बताया था- मई-जून 2020 लॉकडाउन के दौरान चहल ने मुझसे डांस सीखने के लिए संपर्क किया था। इसी दौरान हमें प्यार हो गया। दोनों ने इसके बाद 11 दिसंबर 2020 को शादी कर ली।
- जून 2022 से दोनों के बीच रिश्ते खराब हो गए। तलाक की खबरें पहले सोशल मीडिया पर आईं। दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया था। चहल ने धनश्री के साथ वाली सभी तस्वीरें भी हटा दी थीं।
- दोनों के अलग होने के पीछे का कारण अभी तक सामने नहीं आया है।
- करीब दो साल बाद फरवरी 2025 में मुंबई की फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी लगाई। फैमिली कोर्ट ने छह महीने के कूलिंग ऑफ पीरियड का समय दिया। इसके खिलाफ चहल ने हाईकोर्ट में अपील की थी।
- हाईकोर्ट में 19 मार्च को सुनवाई हुई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को चहल की याचिका पर फैमिली कोर्ट को 20 मार्च को फैसला सुनाने का आदेश दिया था। जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच ने कहा कि चहल 21 मार्च से उपलब्ध नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें IPL में हिस्सा लेना है।
जानिए क्या होता है गुजारा भत्ता
गुजारा भत्ता को गुजारा भत्ता कहते हैं। इसका मतलब है कि जब पति-पत्नी तलाक लेते हैं या अलग हो जाते हैं तो एक को दूसरे को आर्थिक मदद देनी होती है। गुजारा भत्ता देने से पहले कोर्ट कई बातों को ध्यान में रखता है, जैसे कि दोनों की आर्थिक स्थिति, शादी के दौरान उनका जीवन कैसा था, शादी कितने दिनों तक चली और बच्चों की देखभाल के लिए क्या व्यवस्था है।
अगर पत्नी कामकाजी है, तब भी उसे गुजारा भत्ता मिल सकता है, खास तौर पर तब जब पति और पत्नी की आय में बहुत अंतर हो। लेकिन अगर कोर्ट को लगता है कि पत्नी अपने दम पर अपना जीवन चला सकती है और उसे आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है, तो वह गुजारा भत्ता देने से इनकार भी कर सकता है।
Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS
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