छत्तीसगढ़ की धरती उगल रही अफीम : धान के कटोरे में 'मौत' की खेती, BJP नेता से लेकर मास्टर माइंड तक, पढ़िए अफीम नेटवर्क की सीक्रेट कहानी !
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: 20 मार्च 2026 की रात, रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक का आमाघाट गांव। आसमान में बादल थे, हल्की ठंडी हवा चल रही थी। गांव के लोग सो रहे थे, लेकिन गांव के एक खेत में कुछ ऐसा हो रहा था जिसे कोई भूले नहीं सकता। पुलिस और प्रशासन की टीम ने डेढ़ एकड़ में अवैध अफीम की खेती पकड़ी।
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: यह कोई छोटा-मोटा खेत नहीं था। यह पूरी अवैध नेटवर्क का हिस्सा था। ग्रामीण बताते हैं कि झारखंड के बाहरी लोग, स्थानीय किसान और कुछ राजनीतिक संरक्षण के तहत यह कारोबार कई सालों से चल रहा था।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा,
“भाजपा सरकार के संरक्षण में प्रदेश भर में अफीम की खेती का पर्दाफाश हो रहा है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी इस खेल के असली सरगना को ढंकने की कोशिश है।”
ग्राउंड रिपोर्ट: पहली झलक
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: रात करीब 8 बजे, पुलिस को सूचना मिली कि आमाघाट में अफीम की खेती हो रही है। सूचना मिलते ही तमनार और पूंजीपथरा पुलिस ने रात में ही गश्त शुरू की। मुखबिरों की मदद से झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा हिरासत में लिया गया।
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: सांगा पिछले 10-12 साल से तमनार में रह रहा था। उसने पहले तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था, लेकिन धीरे-धीरे अफीम की खेती शुरू कर दी। स्थानीय लोग बताते हैं कि वह अपने साथियों के साथ पूरे खेत की निगरानी और सुरक्षा करते थे।

ग्रामीणों का कहना है,
"हमने उन्हें पहले तरबूज उगाते देखा, लेकिन अचानक अफीम की खेती शुरू हो गई। हमने सोचा कि कोई समस्या नहीं होगी, लेकिन यह खेल बड़ा था।"
पहला खुलासा: जमीन किसकी?
पुलिस अब जांच कर रही है कि खेत निजी है या सरकारी। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसके पीछे कितने लोग और राजनीतिक संरक्षण शामिल हैं।
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने कहा,
"रात से मार्शल सांगा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच जारी है कि और कितने लोग इस नेटवर्क में शामिल हैं।"
ग्रामीणों और किसानों के बयान
सहादुर नगेशिया: "मेरे पास खेत नहीं था। मैंने छह हजार रुपये सालाना पर खेत दिया। बाद में पता चला कि वहां अफीम उगाई जा रही थी।"
टुईला राम: "पहले मैंने मक्का उगाई, लेकिन बाद में झारखंड के भूपेंद्र उरांव ने अफीम उगाने का कहा।"
एक स्थानीय महिला: "हम डर रहे थे, अगर कुछ कहा तो परेशान होंगे।"

रात करीब 10 बजे, पुलिस ने देखा कि खेत में कुछ लोग फसल की निगरानी कर रहे हैं। अचानक एक टीम बाहर निकलती है, मार्शल सांगा और उसके साथी भागने की कोशिश करते हैं।
अफीम के पौधे हरे और घने, बीच में कुछ चीरे लगे।
चार-पांच लोग खड़े हैं, हाथ में लंबी छड़ें, फसल की निगरानी कर रहे।
पुलिस धीरे-धीरे करीब आती है, कोई हिले नहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा:
"भाजपा सरकार का संरक्षण इस खेल को छुपा रहा है। अफीम की खेती सिर्फ कानून का मामला नहीं, यह नशे का खेल है।"
ग्राउंड रिपोर्ट से पता चलता है कि भाजपा नेता और बाहरी नेटवर्क इस अवैध कारोबार में जुड़े हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
मार्शल सांगा को हिरासत में लिया गया।
तमनार और पूंजीपथरा पुलिस रातभर पूछताछ करती रही।
जमीन कानूनी है या नहीं, यह जांच के बाद पता चलेगा।
बाकी आरोपी और सरगना की पहचान भी जारी है।
अवैध अफीम खेती केवल कानून का मामला नहीं
युवा और बच्चे इसके नशे से प्रभावित हो सकते हैं।
स्थानीय किसानों की आमदनी पर असर पड़ रहा है।
ग्रामीण डर में रहते हैं, कोई खुलकर बात नहीं कर पाता।
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: तमनार मामला साफ करता है कि अफीम की अवैध खेती लंबे समय से चल रही थी। इसमें राजनीतिक संरक्षण, बाहरी नेटवर्क और स्थानीय सहयोग शामिल था।
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: पुलिस और प्रशासन सक्रिय हैं, लेकिन पूरे नेटवर्क की जांच लंबी है। ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा, फसल की निगरानी और नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सतर्कता जरूरी है।
पिछले 15 दिनों में चौथे खेत का खुलासा — एक पैटर्न?
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: इसी महीने में यह चौथा मौका है जब प्रदेश में अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई है — और यह एक देखी‑समझी ट्रेंड बनती नजर आ रही है:
पहला मामला — दुर्ग में पकड़ी गई अफीम
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: 7 मार्च को दुर्ग के समोदा इलाके में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर के फार्महाउस पर करीब 5 एकड़ में अफीम पकड़ी गई। पुलिस ने वहाँ से लगभग 7.88 करोड़ रुपए की अफीम की फसल जब्त की थी। ताम्रकर समेत तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।


दूसरा मामला — बलरामपुर, कुसमी
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: 10 मार्च को बलरामपुर जिले के कुसमी में पुलिस ने करीब 3.67 एकड़ में अफीम की खेती पकड़ी। यहाँ से करीब 4.75 करोड़ रुपये की फसल जब्त हुई। पुलिस ने 7 आरोपियों को हिरासत में लिया था।
तीसरा मामला — बलरामपुर, कोरंधा
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा में फिर अफीम पकड़ी गई — लगभग 2.5 एकड़ में फैली हुई। गाँववालों की मदद से पुलिस ने उसे उखाड़ा, पर कई लोग भागने में सफल रहे।
चौथा मामला — रायगढ़, तमनार का आमाघाट
Chhattisgarh Opium Scandal | BJP Leader Linked to Illegal Cultivation Network: अब इसी श्रृंखला में तमनार आया है — जिससे यह एक स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश भर में अवैध अफीम का नेटवर्क सक्रिय है, सिर्फ इधर‑उधर नहीं।
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