अनूपपुर कैसे बना MP का नया गांजा डंपिंग हब ? : 1 करोड़ 50 लाख के गांजे की डिलीवरी, कौन चला रहा करोड़ों का सिंडिकेट; जानिए कौन है पुष्पराजगढ़ का गांजा तस्कर ?
MP CG Times / Fri, Jun 5, 2026
शिवम साहू, अनूपपुर। ओडिशा के जंगलों से निकलने वाला गांजा आखिर बार-बार अनूपपुर का रास्ता क्यों तलाश रहा है? क्या यह महज संयोग है कि करोड़ों रुपए की खेपों के तार लगातार इस जिले से जुड़ रहे हैं। या फिर यहां कहीं ऐसा नेटवर्क बैठा है जो पर्दे के पीछे रहकर पूरे कारोबार को कंट्रोल कर रहा है? पुलिस ने 300 किलो गांजा, दो लग्जरी कारें और तीन तस्करों (Anuppur Ganja Mafia Inside Story) को पकड़ लिया, लेकिन इस कार्रवाई ने जितने जवाब दिए हैं, उससे कहीं ज्यादा सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अनूपपुर में वह कौन है, जिसके भरोसे करोड़ों रुपए का माल सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके भेजा जाता है?
यह केवल तस्करी की कहानी नहीं है, बल्कि उस काले कारोबार की कहानी है जो धीरे-धीरे युवाओं की नसों में जहर घोल रहा है। नशे का यह कारोबार सिर्फ गांजे की तस्करी तक सीमित नहीं है। इसके पीछे (Anuppur Ganja Mafia Inside Story) एक पूरा सिंडिकेट काम करता है, जिसमें सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, रिसीवर, थोक डीलर और स्थानीय पेडलर तक की एक लंबी चेन होती है। खेप पहले बड़े शहर या सीमावर्ती जिले तक पहुंचती है, फिर उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर कस्बों और गांवों तक सप्लाई किया जाता है। यही गांजा बाद में युवाओं के हाथों तक पहुंचता है
अनूपपुर की ओर बार-बार क्यों बढ़ रहीं खेपें ?
इस पूरे खेल में करोड़ों रुपए घूमते हैं, लेकिन पकड़े अक्सर वही लोग जाते हैं जो गाड़ी चला रहे होते हैं। असली सरगना, असली फाइनेंसर और असली नेटवर्क ऑपरेटर आखिर कहां हैं? क्या वे अब भी (Anuppur Ganja Mafia Inside Story) कानून की नजरों से दूर बैठकर नए कैरियर और नए रास्ते तलाश रहे हैं? अगर ओडिशा से निकलने वाली खेपें बार-बार अनूपपुर की ओर बढ़ रही हैं, तो आखिर वह सप्लाई चेन कौन चला रहा है?
तस्करी नेटवर्क की जड़ें अब तक क्यों नहीं काटी ?
कौन हैं वे लोग जो सीमा पार से माल मंगवाकर उसे सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने की व्यवस्था करते हैं? क्या अनूपपुर अब केवल एक जिला नहीं, बल्कि गांजा तस्करी के लिए उभरता हुआ डंपिंग और डिस्ट्रीब्यूशन हब बनता जा रहा है? और अगर ऐसा है, तो फिर (Anuppur Ganja Mafia Inside Story) इस नेटवर्क की जड़ें अब तक क्यों नहीं काटी जा सकीं? यह वही सवाल हैं जिनके जवाब इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के बाद ही सामने आएंगे।

पढ़िए ओडिशा टू अनूपपुर गांजा तस्करी की पूरी कहानी
5 जून की सुबह रायगढ़ पुलिस को एक ऐसी सूचना मिली, जिसने छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश के बीच फैले संभावित गांजा तस्करी नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दीं। सूचना थी कि ओडिशा के सोनपुर इलाके से गांजे की एक बड़ी खेप दो सफेद रंग की लग्जरी कारों में भरकर मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की ओर रवाना हुई है। सूचना मिलते ही रायगढ़ पुलिस सक्रिय हो गई और जिले के कई मार्गों पर नाकेबंदी शुरू कर दी गई।
जब कटकलिया मार्ग पर पुलिस ने घेराबंदी की
रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के कटकलिया मार्ग पर पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर घेराबंदी की। कुछ देर बाद दो संदिग्ध वाहन पुलिस की नजर में आए। इनमें एक सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा और दूसरी मारुति सुजुकी XL-6 थी। पुलिस ने दोनों वाहनों को रोककर जांच शुरू की। पहली नजर में सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन इनोवा की जांच के दौरान ऐसा खुलासा हुआ जिसने पुलिस का संदेह और बढ़ा दिया।
इनोवा में मिली डबल नंबर प्लेट
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इनोवा क्रिस्टा में एक नहीं बल्कि दो नंबर प्लेट लगी हुई थीं। वाहन पर ओडिशा का नंबर OD-10-H-0050 लगा था, लेकिन उसके नीचे छत्तीसगढ़ नंबर CG-13-BY-6540 की दूसरी नंबर प्लेट भी लगी हुई थी। दोहरी नंबर प्लेट मिलने के बाद पुलिस को स्पष्ट हो गया कि मामला साधारण नहीं है। इसके बाद वाहन में बैठे लोगों से पूछताछ शुरू की गई।
तीन युवक, दो गाड़ियां और करोड़ों का माल
पुलिस ने इनोवा में बैठे निखिल कश्यप और दूसरी कार XL-6 में सवार रिंकु कश्यप तथा धर्मेंद्र कुमार मौर्य को हिरासत में लेकर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत तलाशी शुरू की। तलाशी पूरी होते-होते दोनों वाहनों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। जब गांजे का वजन किया गया तो यह करीब 300 किलोग्राम निकला। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपए आंकी गई।

सिर्फ गांजा नहीं, करोड़ों की संपत्ति भी जब्त
पुलिस ने केवल गांजा ही नहीं पकड़ा। कार्रवाई के दौरान परिवहन में इस्तेमाल की जा रही इनोवा क्रिस्टा भी जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा मारुति सुजुकी XL-6 वाहन भी जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 14 लाख रुपए आंकी गई है।
वाहनों के अलावा पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए, जिनमें दो आईफोन शामिल हैं। मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई गई है। इस तरह गांजा, वाहन और मोबाइल मिलाकर कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई।
पूछताछ में सामने आया अनूपपुर का नाम
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गांजे की यह खेप मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में उनके सहयोगियों तक पहुंचाई जानी थी। यहीं से इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया। अब सवाल केवल 300 किलो गांजे की बरामदगी का नहीं रहा, बल्कि उस नेटवर्क का हो गया जो ओडिशा से माल उठाकर अनूपपुर तक पहुंचाने की व्यवस्था कर रहा था।
अनूपपुर कनेक्शन की तलाश में पुलिस
आरोपियों से मिली जानकारी के बाद रायगढ़ पुलिस अब इस नेटवर्क की अगली कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम सरगुजा और मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के लिए रवाना की गई है। पुलिस का उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है, जिनके लिए यह गांजा भेजा जा रहा था और जो इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।

दर्ज हुईं ये धाराएं
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना लैलूंगा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है और पुलिस फरार आरोपियों तथा पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल
रायगढ़ पुलिस ने 300 किलो गांजा पकड़ लिया, तीन आरोपी गिरफ्तार कर लिए, दो लग्जरी वाहन जब्त कर लिए। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ओडिशा से चली यह खेप अनूपपुर में किसके पास पहुंचने वाली थी? क्या अनूपपुर केवल डिलीवरी प्वाइंट था या फिर वहां कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? जांच आगे बढ़ेगी तो शायद इस कहानी के सबसे अहम किरदारों के नाम भी सामने आएंगे।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें पहला आरोपी निखिल कश्यप (23) है, जो रामानुजगंज जेल रोड वार्ड नंबर-03 बरून्दा घाटपारा, थाना रामानुजगंज, जिला बलरामपुर का निवासी है।
वहीं दूसरा आरोपी रिंकु कश्यप (28) है, जो नवानगर चिरगापारा, थाना दरिमा, जिला सरगुजा का रहने वाला है। तीसरा आरोपी धर्मेंद्र कुमार मौर्य (27) है, जो हर्राटोला, थाना राजेंद्रग्राम, जिला अनूपपुर (मध्य प्रदेश) का निवासी है। यही नाम इस पूरी कार्रवाई में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना, क्योंकि पुलिस के मुताबिक गांजे की खेप भी अनूपपुर ही पहुंचाई जानी थी।

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