छत्तीसगढ़स्लाइडर

मूसलाधार बारिश से आमजन हलाकान: छग के कई जिलों में बाढ़ के हालात, भारी बारिश से डैम लबालब और कई गांव टापू में तब्दील

रोहित बर्मन, रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पिछले चार दिनों से हो रही भारी बारिश से बाढ़ के हालात हैं. भारी बारिश से कई बांध लबालब भर चुके हैं. डैम से नदियों में पानी छोड़ा गया तो बाढ़ आ गई. रास्ते बंद हो गए. बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया. मौसम विभाग का अनुमान है कि आज से अधिकतर जिलों में मौसम खुल जाएगा. कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम स्तर की बरसात हो सकती है.

पेण्ड्रा इलाके में पिछले 60 घंटे से लगातार बारिश जारी है. इसकी वजह से कई गांवों का संपर्क टूट गया है. यहां अरपा, सोन, तिपान, ऐलान, बम्हनी, जावस, मलनिया सहित अमरावती गंगा नदी और बरसाती नदी नाले उफान पर हैं, जिसके चलते दुर्गाधारा के रास्ते अमरकंटक जाने वाला मार्ग, पेंड्रा से बस्तीबगरा जाने वाला मार्ग, गौरेला से सधवानी जाने वाला मार्ग, सिवनी से मरवाही और रटगा से मरवाही जाने वाले मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है. पेंड्रा से बिलासपुर जाने वाले तीन रास्तों में से केवल एक पर आवागमन शुरू हो सका है.

नाले में बह गए ग्रामीण का शव मिला
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के गांव लरकेनी करशिवा के बीच हथकड़ी नाला पुल को पार कर रहे बंधन सिंह बंधु तेज धारा से बह गए थे. थोड़ी देर पहले ही SDRF ने उनका शव बरामद किया है. वह पुल से थोड़ी दूर तक झाड़ियों में फंसकर डूबा हुआ था. प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति में ऐसी जगहों से दूर रहने को कहा है. बच्चों को नदी, नाला, तालाब, कुएं से दूर रखने की हिदायत दी गई है.

गरियाबंद-शिवरीनारायण में बाढ़ का जोर कम हुआ
गरियाबंद-महासमुंद, जांजगीर-चांपा और उससे लगे इलाकों में कल से बारिश कमजोर हुई है. इसकी वजह से नदी-नालों की बाढ़ भी उतार पर है. रायपुर-गरियाबंद के बीच हाईवे से पानी उतरने के बाद उसे यातायात के लिए खोल दिया गया है.

शिवरीनारायण में भी पुल से पानी हटने के बाद जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार के बीच का यातायात शुरू कर दिया गया है. इस बीच गरियाबंद जिले के कघुटकू नवापारा गांव का पहुंच मार्ग बह गया है. 800 की आबादी वाले गांव में आवाजाही की एकमात्र सड़क थी. इसकी वजह से गांव से आवागमन ठप हो चुका है.

कोरबा में मिनीमाता बांगो बांध भी 95 फीसदी तक लबालब हो चुका है. ऐसे में पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है. बताया जा रहा कि आज दोपहर बाद बांगो से करीब 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा. जो रात तक हसदेव बराज पहुंच जाएगा. ऐसे में हसदेव बराज के दूसरे गेट भी खोलने पड़ सकते हैं.

कोरबा जिले के पाली, पोड़ी उपरोड़ा और ऊपरी इलाके में हो रही झमाझम बारिश का सीधा असर निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है. सभी नदी नाले उफान पर है. हसदेव बराज का जलस्तर खतरे का निशान पार कर गया है, जिसके चलते बुधवार सुबह इसका एक गेट 12 फीट तक खोलना पड़ा था.

read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001

जलभराव के बढ़ने के कारण 24 घंटे के अंदर ही आज सुबह 7.45 बजे हसदेव बैराज का 7 नंबर गेट भी 12 फीट तक खोल दिया गया. दोनों गेट से करीब साढ़े 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. इससे हसदेव नदी के निचले हिस्से में बाढ़ आ गई है. प्रशासन ने आसपास के लोगों को सतर्क रहने को कहा है.

सरगुजा-बिलासपुर संभागों में अभी बारिश होगी
मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि आज सरगुजा और बिलासपुर संभागों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है. मध्य छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश का जोर कम होगा. रायगढ़ जिले के कई इलाकों में बारिश चेतावनी है. जबकि रायपुर-दुर्ग और बस्तर संभागों के अधिकांश जिलों में हल्की बरसात की संभावना जताई जा रही है.

17 सितम्बर को सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, बस्तर और कोण्डागांव में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होगी. बाकी जिलों में भी कुछ जगहों पर बरसात की संभावना जताई गई है.

read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001

छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मनोरंजन की खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button