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Sovereign Gold Bond Investment: क्या आपको भी करना है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश ?

Sovereign Gold Bond Investment: सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की दो नई किस्तें जारी करने जा रही है. पहली किस्त दिसंबर में और दूसरी किस्त फरवरी में जारी की जाएगी. पहली किस्त 18-22 दिसंबर को खुलेगी. जबकि दूसरी किस्त 12-16 फरवरी को खुलेगी. हालांकि, ये किस दर पर जारी किए जाएंगे इसकी जानकारी नहीं दी गई है। यहां हम आपको सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के बारे में बता रहे हैं ताकि आप भी इसमें निवेश कर मुनाफा कमा सकें…

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड क्या है?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक सरकारी बॉन्ड है। इसे डीमैट में बदला जा सकता है. यह बांड 1 ग्राम सोने का है, यानी बांड की कीमत 1 ग्राम सोने की कीमत के समान होगी। इसे RBI द्वारा जारी किया जाता है. ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल पेमेंट करने पर आपको प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट मिलेगी.

24 कैरेट यानी 99.9% शुद्ध सोने में निवेश
Sovereign Gold Bond Investment: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में आप 24 कैरेट यानी 99.9% शुद्ध सोने में निवेश करते हैं। एसजीबी में निवेश पर 2.50% का वार्षिक ब्याज मिलता है। अगर पैसों की जरूरत हो तो बॉन्ड पर लोन भी लिया जा सकता है.

Sovereign Gold Bond Investment: बांड की कीमत इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड यानी आईबीजेए की प्रकाशित दर के आधार पर तय की जाती है। इसमें सदस्यता अवधि से पहले सप्ताह के अंतिम तीन दिनों की दरों के औसत की गणना की जाती है।

शुद्धता और सुरक्षा की कोई चिंता नहीं
एसजीबी में सटीकता के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के अनुसार, सोने के बांड की कीमत इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) द्वारा प्रकाशित 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत से जुड़ी होती है। इसके साथ ही इसे डीमैट के रूप में भी रखा जा सकता है, जो काफी सुरक्षित है और इस पर कोई खर्च भी नहीं होता है.

आप अधिकतम 4 किलो सोने में निवेश कर सकते हैं
एसजीबी के जरिए एक व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1 ग्राम और अधिकतम 4 किलोग्राम सोने में निवेश कर सकता है। संयुक्त होल्डिंग के मामले में 4 किलोग्राम की निवेश सीमा केवल पहले आवेदक पर लागू होगी। जबकि किसी भी ट्रस्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किलो है.

8 साल से पहले बॉन्ड बेचने पर टैक्स देना होता है
सॉवरेन की परिपक्वता अवधि 8 वर्ष है। मैच्योरिटी अवधि पूरी होने के बाद इससे होने वाले मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं लगता है. वहीं अगर आप 5 साल के बाद अपना पैसा निकालते हैं तो इससे होने वाले मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के रूप में 20.80% टैक्स लगता है।

आप ऑफलाइन भी निवेश कर सकते हैं
आरबीआई ने इसमें निवेश के लिए कई विकल्प दिए हैं. निवेश बैंक शाखाओं, डाकघरों, स्टॉक एक्सचेंजों और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसएचसीआईएल) के माध्यम से किया जा सकता है। निवेशक को एक आवेदन पत्र भरना होगा। इसके बाद आपके खाते से पैसे कट जाएंगे और ये बॉन्ड आपके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएंगे.

निवेश करने के लिए PAN का होना अनिवार्य है. ये बांड सभी बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (बीएसई) के माध्यम से बेचे जाएंगे।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहली सीरीज में निवेशकों को 128% का रिटर्न
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहली सीरीज 30 नवंबर को मैच्योर हो गई है. ये बांड 26 नवंबर 2015 को 2,684 रुपये प्रति ग्राम के निर्गम मूल्य पर जारी किए गए थे। धारक ने इसे 6,132 रुपये प्रति यूनिट पर भुनाया। इस हिसाब से पिछले 8 साल में दिया गया कुल रिटर्न 128.5 फीसदी रहा.

अगर किसी निवेशक ने नवंबर 2015 में गोल्ड बॉन्ड में 1 लाख रुपये का निवेश किया होता, तो उसे 30 नवंबर को लगभग 2.28 लाख रुपये मिलते। यानी 8 साल में इस निवेश पर लगभग 1.28 लाख रुपये की कमाई।

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