मध्यप्रदेशस्लाइडर

अंधकार में डूबे आदिवासी : CM शिवराज सिंह के तानाशाह अफसरों का कारनामा, पूरे गांव की काटी बिजली, अंधेरे में रात गुजार रहा हजारों परिवार…

जबलपुर। कोल क्राइसिस का असर मध्यप्रदेश में देखने को मिलने लगा है. यहां शहपुरा जनपद के चरगवां से लगे आदिवासी गांव अमझर और जमन्हा ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बिजली कटौती से परेशान हो गए हैं. आलम यह है कि गांव में अगर किसी को अपना मोबाइल फोन तक चार्ज करना हो तो उसके लिए भी बिजली उपलब्ध नहीं है .

batti gul

25 दिनों से अंधेरे में आदिवासी

जबलपुर के आदिवासी इलाकों में पिछले 25 दिनों से बिजली के लिए ग्रामीण तरस रहे हैं . प्रदेश भर में बिजली क्राइसिस को लेकर जो बेहद गंभीर समस्या बनी हुई है, इसके ताजा उदाहरण हाल में ही देखने को मिल रहा है. जबलपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिल जमा ना करने के नाम पर पूरे गांव की बिजली काट दी गई.

MP में फिर हुआ महाघोटाला ! केंद्र की IPDS योजना में हुआ भ्रष्टाचार, अधिकारियों के पास नहीं है 115 करोड़ रुपए का हिसाब…

एक महीने से शहपुरा जनपद के इमझर, जमन्हा, चिरापोड़ी जैसे ओर भी गांव के ग्रामीण बेहद परेशान हैं. ग्रामीण गर्मी के कारण बीमार पड़े हुए हैं. अगर गांव में कोई बीमार पड़ जाए तो एम्बुलेंस को कॉल करने के लिए मोबाइल फोन भी काम नहीं करेगा, क्योंकि बिजली के बिना फोन रिचार्ज नहीं हो सके. गांव की महिलाएं शाम होने से पहले ही खाना बना लेती है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले सौ रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन अब हजारों में आ रहा है.

batti gul

तानाशाह अफसरों ने काटी पूरे गांव की बिजली

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली अधिकारियों की तानाशाही के चलते हम अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने गांवों में जाकर देखना तक उचित नहीं समझा, कि यहां क्या हालात हैं. नवरात्र भी अंधेरे में निकल गए. जिम्मेदारों के पास तो बस एक जवाब रहता है कि वसूली नहीं हुई. गांववालों का कहना है कि जिन्होंने बिल नहीं भरा उनकी बिजली काटिए, पूरे गांव की बिजली क्यों काट दी.

batti gul

कांग्रेस ने मांगा शिवराज सिंह से इस्तीफा

वरगी विधानसभा के कांग्रेस विधायक संजय ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा. विधायक का कहना है कि मध्य प्रदेश में इस समय अराजकता का माहौल है. खासकर जबलपुर की बात करें तो बरगी विधानसभा मे मटर की खेती बड़ी तादाद में होती है. जहां कोई किसान बिजली के बिल से परेशान है, तो कोई पानी से. बिजली विभाग गरीब किसानों को ज्यादा बिल देता है और जब लोग जमा नहीं कर पाते तो पूरे गांव की बिजली काट देते हैं. इस समय किसान बहुत आक्रोशित हैं. कही आने वाले समय में किसानों का यह आक्रोश कहीं किसान आंदोलन की तरह ना हो जाए.

खाकी की गर्मी: विधायक के बाद SP साहब ने की ड्राइवर की जमकर पिटाई, अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती

बिजली को लेकर सुनिए ग्रामीणों का दर्द

कांग्रेस विधायक का आरोप है कि ये मध्य प्रदेश सरकार की नाकामी और बदइंतजामी है. जिस कारण किसान और आम आदमी समस्याओं से जूझ रहा है. पूरे देश में आपातकाल जैसे हालात हो चुके हैं. भाजपा सरकार चलाने में विफल हो चुकी है. इन्हें तत्काल हट जाना चाहिए क्योंकि यह सरकार जनता के कार्य करने में नाकाम हो चुकी है.

सड़क पर तड़ातड़ LIVE VIDEO: अनूपपुर में महिला ने एक मनचले को घसीट-घसीट कर पीटा, बदमाश ने बस में कर दी थी ये हरकत…

अफसरों ने साधी चुप्पी

हमारी टीम ने बिजली विभाग अधिकारियों से इस विषय में बात करनी चा,ही तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. कोई भी अधिकारी कर्मचारी कटौती के बारे में कोई बात नहीं करना चाहता.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button