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पानी में बह रहा 50 लाख ! अमृत सरोवर योजना से बने तालाब में करप्शन, मिट्टी-पत्थर डालकर रिसाव छुपाने की कोशिश, कुंभकर्णीय नींद में अफसर-नेता

गणेश मरावी,डिंडोरी। मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के अमरपुर जनपद पंचायत जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में काफी चर्चित होती जा रही है. जनपद पंचायत अमरपुर के अंतर्गत आने वाले चांदपूर सेक्टर में कार्यरत उपयंत्री और एसडीओ अमृत सरोवर योजना के तहत कराए गए निर्माण कार्योंं में भ्रष्टाचार करने के मामले में लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। यहां के जिम्मेदार निर्माण कार्यों को गुणवत्तायुक्त पूर्ण कराने में ध्यान नहीं दे रहे है. साथ ही मादपंडों को भी ठेंगा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. उच्चाधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली के चलते उपयंत्री एवं एसडीओ बेलगाम हो रहे है. इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण निर्माण कार्यों में बेखौफ होकर बडे़ पैमाने पर भ्रष्टाचार कर रहे.

अमृत सरोवर योजना के तहत जल संग्रहण करने के उद्देश्य से सरकार भारी भरकम राशि खर्च कर तालाब का निर्माण कार्य करा रही है, लेकिन जिम्मेदार मनमानी तरीके से गुणवत्ताविहीन निर्माण कर स्वयं का जेब भरने के चक्कर में सरकार के मंशा पर पानी फेर रहे हैं. हम बात कर रहे हैं अमरपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत रामगढ़ के बांका टोला के छापर नाला की, जहां पर अमृत सरोवर योजना के तहत 50 लाख रुपए की लागत से तालाब निर्माण कराया जा रहा है. इस तालाब की मेढ़ के निचले हिस्से से तेज धार से पानी निकल रहा है. इस मामले को लेकर पहले भी MP-CG टाइम्स ने खबर प्रकाशित किया था, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी या फिर यूं कहा जाए कि सांठसांठ में खेल चल रहा है.

घटिया निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारी और नेता खामोश

अमरपुर विकासखंड में अमृत सरोवर के तहत कराए गए तालाब निर्माण कार्य में की गई अनियमितता को लेकर लगातार समाचारों के माध्यम से अधिकारी और जन प्रतिनिधियों को अवगत कराया जा रहा है. उसके बाद भी अधिकारियों और स्थानीय नेता समेत जिला स्तर के नेता खामोश बैठे हैं. जबकि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही जाती है. वहीं जनप्रतिनिधि भी भ्रष्टाचार मुक्त समेत कई वादे करते है, लेकिन इनके कहने और करने में जमीन आसमान का फर्क दिखाई पड़ रहा है.

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सरोवरों का घटिया निर्माण कराने से पानी का रिसाव जारी

जिले में अमृत सरोवर योजना के तहत वृहद स्तर पर तालाब स्वीकृत कर निर्माण कराया जा रहा है. जिले के अमरपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत रामगढ़ में अमृत सरोवर योजना के तहत लाखों रुपए की लागत से तालाब निर्माण कराया गया है, लेकिन इस सरोवर से लगातार पानी का रिसाव तेजी से हो रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि विगत दिनों हुई बारिश ने आरईएस विभाग के जिम्मेदारों के द्वारा निर्माण कराए गए गुणवत्ताविहीन तालाब की पोल खोल दी है. निर्माण ऐजेंसी के द्वारा तालाब की निर्माण कार्य चलने के दौरान नींव को मजबूत और ब्राईबेटर सही ढंग से नहीं चलाने के कारण नीचे की मुरूम अच्छी तरीके से दबी नहीं है. जिसके चलते पानी लीकेज हो रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि इसी तरह तालाब से यदि लगातार पानी का रिसाव जारी रहेगा तो, आने वाले समय में पानी रिसाव वाले स्थान खोखला होने की संभावना है. जिससे तालाब क्षतिग्रस्त हो सकता है.

भ्रष्टाचार को छिपाने का किया गया प्रयास

बताया गया कि अभी विगत दिनों तालाब से तेजी से हो रही पानी रिसाव को देखते ही निर्माण ऐजेंसी के द्वारा पानी रिसाव वाले स्थानों में पत्थर/बोल्डर डालकर उपर से मिट्टी रखकर पानी को तालाब से दूर छोड़ा जा रहा है. जिससे किसी को तालाब के आस-पास पानी रिसाव होते दिखाई न दे. आरोप लग रहा है कि इस तरह के कार्य कर 50 लाख रुपए की लागत से तालाब निर्माण में की गई भ्रष्टाचार और कार्रवाई के डर से छिपाने का प्रयास किया जा रहा है.

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उपयंत्री के देखरेख में हो रहा भ्रष्टाचार

ग्राम पंचायत रामगढ़ के बांका टोला के छापर नाला में पानी रोकने के उद्देश्य से 50 लाख की लागत से तालाब निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार ही तालाब निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं. तालाब निर्माण का कार्य उपयंत्री मन्नालाल जाधव के देखरेख में हो रहा है, लेकिन उपयंत्री के द्वारा मापदंड को दरकिनार कर तालाब का निर्माण कार्य गुणवत्ताविहीन कराया जा रहा है. जिससे इनके कार्यप्रणाली पर अनेकों तरह के सवाल खड़े हो रहे है. अब यह देखना होगा कि इस मामले की जांच होगी या फिर जिम्मेदार कुंभकर्णीय नींद में सोए रहेंगे.

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