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हेड कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या: अपराधियों को पकड़ने गई थी पुलिस की टीम, बदमाशों ने कर दी फायरिंग

The miscreant shot dead the head constable in Seoni: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में गुरुवार रात अपराधियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर फायरिंग हुई है। इस दौरान गोली लगने से हेड कांस्टेबल राकेश ठाकुर की मौत हो गई। पुलिस टीम छिंदवाड़ा बायपास इलाके में गई थी। तभी एक अपराधी ने टीम पर फायरिंग कर दी।

एसडीओपी पुरूषोत्तम मरावी ने बताया कि गोली प्रधान आरक्षक के कमर से ऊपर हृदय की ओर लगी है। उनका इलाज नागपुर में चल रहा था। सुबह करीब 5 बजे उनकी मौत हो गई। नागपुर में पोस्टमॉर्टम के बाद उनका शव दोपहर में सिवनी लाया जाएगा। अंतिम संस्कार यहां केवलारी के डोभ गांव में किया जाएगा।

साथियों को बचाने के लिए फायरिंग की

एसपी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम चार आरोपियों को गिरफ्तार करने गई थी। टीम ने तीन आरोपियों जनक सिंह, प्रवीण वैष्णव, गुलशन को पकड़ा था। चौथे आरोपी सद्दाम ने अपने साथियों को बचाने के लिए फायरिंग कर दी। गोली चलाने वाला सद्दाम मौके से फरार हो गया है। बाकी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।

एसपी ने बताया कि सिवनी में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों का ठिकाना डूंडा सिवनी थाने के बायपास कसगेटर में है। सूचना मिलने के बाद डूंडा सिवनी पुलिस उनके पीछे लग गई। छिंदवाड़ा रोड स्थित लखनवाड़ा थाने को भी सूचना दी गई। यहां लखनवाड़ा थाने की टीम ने नाकाबंदी की। लखनवाड़ा पुलिस को देखकर आरोपी इनोवा गाड़ी में वापस लौट गए। इसके बाद डुंडा पुलिस ने कार्रवाई की।

टीम में चार पुलिसकर्मी थे

पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल राकेश ठाकुर, हेड कांस्टेबल शेखर बघेल, कांस्टेबल विनय चोरिया और कांस्टेबल अजय बघेल शामिल थे। आरोपी जनक सिंह और सद्दाम भिंड जिले के मेहगांव के रहने वाले हैं। आरोपी प्रवीण वैष्णव और गुलशन मंडला जिले के नैनपुर के रहने वाले हैं.

पुलिस विभाग में 17 साल हो गये थे

राकेश ठाकुर सिवनी के केवलारी के रहने वाले थे। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। पिता वीरेंद्र ठाकुर और मां रामदेवी ठाकुर हैं. राकेश के पांच भाई राजा बाबू, राजेश, यशवन्त, राकेश और तरूण हैं। उनकी शिक्षा केवलारी में पूरी हुई। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी सिवनी में कराई गई थी। वह करीब 17 साल तक पुलिस विभाग में रहे।

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