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MP में धमाके से 11 मौत का खौफनाक मंजर: पकड़े गए मौत के सौदागर, क्या अनफिट थी फैक्ट्री, कौन था मौत की फैक्ट्री का मालिक ?

Harda blast News Update: मध्य प्रदेश के हरदा में एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया. इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. कई घायलों की हालत गंभीर है. पटाखा फैक्ट्री संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. मौत के सौदागर गिरफ्तार हो गए हैं. सवाल यह है कि आखिर रिहायशी इलाके के इतने करीब पटाखा फैक्ट्री कैसे बनाई गई? इसका मालिक कौन था? जिसे लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है.

Madhya Pradesh Harda Firecracker Factory Blast Reason: मध्य प्रदेश स्थित हरदा पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार किये गये लोगों में राजेश अग्रवाल, सोमेश अग्रवाल शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, राजेश अग्रवाल को राजगढ़ जिले से गिरफ्तार किया गया है. जो कार से दिल्ली भागने की फिराक में था.

Madhya Pradesh Harda Firecracker Factory Blast Reason: आपको बता दें कि पटाखा फैक्ट्री को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, ब्लास्ट हुई पटाखा फैक्ट्री के संचालकों का नाम राजेश अग्रवाल और सोमेश अग्रवाल है. धमाके के बाद से फैक्ट्री संचालक फरार है. दो साल पहले भी उनकी फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था और दो लोग जिंदा जल गये थे.

Madhya Pradesh Harda Firecracker Factory Blast Reason: इसके बाद भी प्रशासन नहीं जागा. उस समय फैक्ट्री को सील कर दिया गया था लेकिन कमिश्नर की मेहरबानी से इसे दोबारा खोल दिया गया। अब इस हादसे में 175 लोग झुलस गए हैं, 25 गंभीर रूप से घायल हैं. सभी को भोपाल रेफर किया गया है. इसमें 11 लोगों की मौत हो गई है. जबकि कई लोग अभी भी फंसे हुए हैं.

सज़ा हो चुकी है

Madhya Pradesh Harda Firecracker Factory Blast Reason:फैक्ट्री संचालक राजू उर्फ राजेश अग्रवाल को 2015 में 10 साल कैद की सजा सुनाई गई थी और 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. आरोपी को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 5 के तहत दंडित किया गया।

जानकारी के मुताबिक यह फैक्ट्री पिछले 25 सालों से चल रही थी. अब इस पूरे मामले की जांच के लिए सीएम मोहन यादव ने 6 सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन किया है.

क्या फैक्ट्री अयोग्य थी ?

Madhya Pradesh Harda Firecracker Factory Blast Reason: हरदा एसडीएम केसी परते ने बताया कि पटाखा फैक्ट्री फिट नहीं थी, इसलिए यह हादसा हुआ. कुछ समय पहले हरदा प्रशासन ने पटाखा फैक्ट्री को अनफिट घोषित कर दिया था.

बाद में संभागायुक्त नर्मदापुरम ने इसे बहाल कर दिया। फैक्ट्री करीब डेढ़ एकड़ में फैली हुई है। यहां 300 से ज्यादा लोग काम करते हैं. जानकारी यह भी आ रही है कि गोदाम में बारूद का स्टॉक जरूरत से ज्यादा था और यही हादसे का कारण हो सकता है.

प्रशासन की मिलीभगत से चल रही थी फैक्ट्री

वहीं, इस पूरे मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस विधायक आरके दोगने ने कहा कि यह बड़ी लापरवाही है. यह प्रशासन की लापरवाही है. प्रशासन ने क्यों दी इजाजत? इससे पहले भी इस फैक्ट्री में दो बार धमाके हो चुके हैं, लोगों की मौत हो चुकी है. फैक्ट्री को बंद कर दिया गया था लेकिन प्रशासन की मिलीभगत से इस फैक्ट्री का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया.

Madhya Pradesh Harda Firecracker Factory Blast Reason: कांग्रेस विधायक ने रोते हुए कहा कि बारूदी खेल के हर किरदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. प्रशासन की मिलीभगत से यह खेल खेला जा रहा था. कांग्रेस विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए उन्होंने जांच के निर्देश दिये हैं.

Harda blast News Update: A massive explosion took place in a firecracker factory in Harda, Madhya Pradesh. So far 11 people have died in this accident. The condition of many injured is critical. An FIR has been registered against the firecracker factory operator.

The merchants of death have been arrested. The question is, how was a firecracker factory built so close to a residential area? Who was its owner? A big revelation has been made regarding this.

Let us tell you that big information has come to light regarding the firecracker factory. According to the information, the names of the operators of the blasted firecracker factory are Rajesh Aggarwal and Somesh Aggarwal. The factory operator is absconding after the blast. Two years ago also there was an explosion in his factory and two people were burnt alive.

Even after this the administration did not wake up. At that time the factory was sealed but with the kindness of the Commissioner it was reopened. Now 175 people have been burnt in this accident, 25 are seriously injured. Everyone has been referred to Bhopal. 11 people have died in this. While many people are still stranded.

the punishment has been done

Factory operator Raju alias Rajesh Aggarwal was sentenced to 10 years imprisonment in 2015 and was also fined Rs 10,000. The accused was punished under Section 5 of the Explosive Substances Act 1908.

According to the information, this factory was running for the last 25 years. Now CM Mohan Yadav has formed a 6-member joint committee to investigate this entire matter.

Was the factory inefficient?

Harda SDM KC Parte said that the firecracker factory was not fit, hence this accident happened. Some time ago the Harda administration had declared the firecracker factory unfit.

Later Divisional Commissioner Narmadapuram restored it. The factory is spread over about one and a half acres. More than 300 people work here. Information is also coming that the stock of gunpowder in the warehouse was more than required and this could be the reason for the accident.

The factory was running with the connivance of the administration

At the same time, politics has also intensified on this entire matter. Congress MLA RK Dogne said that this is a big negligence. This is the negligence of the administration. Why did the administration give permission? Even before this, there have been two explosions in this factory, people have died. The factory was closed but with the connivance of the administration the operation of this factory was started again.

The Congress MLA cried and said that strict action should be taken against every character of the gunpowder game. This game was being played with the connivance of the administration. The Congress MLA said that while expressing his gratitude to the Chief Minister, he has given instructions for investigation.

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