Logo
Breaking News Exclusive
मकानों को तोड़ रहे, अनाज खा गए, पुष्पराजगढ़ जंगल को बनाया ठिकाना, जानिए कहां-कहां मचाया आतंक ? अनूपपुर में युवक को पीट-पीटकर मार डाला, कत्ल के बाद भाग गए थे, जानिए कैसे पकड़े गए हत्यारे ? Ayodhya में राममंदिर से 800 मीटर दूर हादसा; एक एकड़ में फैला पंडाल जलकर राख Pyare Lal Kanwar की फैमिली के टुकड़े-टुकड़े किए, बच्ची तक को नहीं छोड़ा, जानिए कितने हत्यारों को उम्र कैद ? BJP सांसद Himadri Singh ने रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से की मुलाकात, जानिए किन-किन मांगों पर चर्चा ? हीरा सिंह श्याम की टीम में युवाओं को जगह, जानिए किसे मिली उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री की कमान ? Chhindwara Accident की 15 Photos, हाथ कटकर अलग, लाशों का ढेर, देखिए तड़पती-बिलखती तस्वीरें छिंदवाड़ा में 10 लोगों की मौत, हाथ कटकर अलग, आंखों के सामने तड़प-तड़पकर गई जान, चीखें गूंजती रहीं राजिम में बच्चों की पढ़ाई छूटी, कॉपी-किताबें जलीं, आंखों में अब भी खौफ जिंदा, पढ़िए 1 फरवरी की इनसाइड स्टोरी गरियाबंद में दीवार में छिपाया हाथी का दांत; जानिए खुदाई से कैसे खुला सीक्रेट राज ? मकानों को तोड़ रहे, अनाज खा गए, पुष्पराजगढ़ जंगल को बनाया ठिकाना, जानिए कहां-कहां मचाया आतंक ? अनूपपुर में युवक को पीट-पीटकर मार डाला, कत्ल के बाद भाग गए थे, जानिए कैसे पकड़े गए हत्यारे ? Ayodhya में राममंदिर से 800 मीटर दूर हादसा; एक एकड़ में फैला पंडाल जलकर राख Pyare Lal Kanwar की फैमिली के टुकड़े-टुकड़े किए, बच्ची तक को नहीं छोड़ा, जानिए कितने हत्यारों को उम्र कैद ? BJP सांसद Himadri Singh ने रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से की मुलाकात, जानिए किन-किन मांगों पर चर्चा ? हीरा सिंह श्याम की टीम में युवाओं को जगह, जानिए किसे मिली उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री की कमान ? Chhindwara Accident की 15 Photos, हाथ कटकर अलग, लाशों का ढेर, देखिए तड़पती-बिलखती तस्वीरें छिंदवाड़ा में 10 लोगों की मौत, हाथ कटकर अलग, आंखों के सामने तड़प-तड़पकर गई जान, चीखें गूंजती रहीं राजिम में बच्चों की पढ़ाई छूटी, कॉपी-किताबें जलीं, आंखों में अब भी खौफ जिंदा, पढ़िए 1 फरवरी की इनसाइड स्टोरी गरियाबंद में दीवार में छिपाया हाथी का दांत; जानिए खुदाई से कैसे खुला सीक्रेट राज ?

: सहारा के सुब्रत रॉय का निधन: निवेशकों के पैसे का क्या होगा, कहीं डूब तो नहीं जाएगा ? पढ़िए पूरी खबर

What will happen to investors' money after the death of Sahara's Subrata Roy? सहारा इंडिया समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय के निधन के बाद सहारा से जुड़े निवेशकों के मन में अपने पैसे को लेकर कई सवाल मन में तैर रहे हैं। क्या निवेश की गई उनकी गाढ़ी कमाई क्या उन्हें वापस मिलेगी ? कहीं ऐसा तो नहीं कि पैसा डूब जाएगा। देशभर में करोड़ों लोगों ने सहारा समूह की चार को-ऑपरेटिव सोसायटी में पैसा निवेश कर रखा है। इसमें उन आम आदमी के भी पैसे हैं जो बेहद कम इनकम वाले हैं। हर रोज उन्होंने लंबे समय तक पैसे जमा किए। हाल के कुछ घटनाक्रम के बाद निवेशकों को लगने लगा था कि शायद उनका पैसा उन्हें वापस मिल जाएगा। लेकिन अब सुब्रत रॉय के निधन के बाद फिर से लोगों को इस बात की चिंता सताने लगी है। तब सुप्रीम कोर्ट ने दिया था पैसे लौटाने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में एक सुनवाई में करीब 3 करोड़ निवेशकों का उनका पैसा लौटाने का फरमान सहारा समूह को सुनाया था। फैसले के बाद केंद्र ने एक पोर्टल बनाया, ताकि लोग उसपर रिफंड के लिए अप्लाई कर सकें। लाखों निवेशकों ने इस पोर्टल पर अप्लाई किया। इन्हें मिली है पैसा लौटाने की जिम्मेदारी सहारा रिफंड पोर्टल के जरिये पैसे लौटाने की जिम्मेदारी चार समितियों- सहारा क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड लखनऊ, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस सोसायटी लिमिटेड भोपाल, हुमारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, कोलकाता और स्टार्स मल्टीपर्पस को-ऑपरेटिव सोसायटी हैदराबाद को दी गई है। सिर्फ पोर्टल के जरिये अप्लाई करने पर पैसा होगा रिफंड सहारा के निवेशकों को इन्हीं समितियों में अप्लाई करना होता है। निवेशकों के लिए यह स्पष्ट है कि पैसा पाने के लिए सिर्फ पोर्टल के जरिये ही निवेशकों को अप्लाई करना होगा। खबर के मुताबिक, मार्केट रेगुलेटर सेबी ने बीते 11 साल में सहारा की दो कंपनियों के निवेशकों को 138.07 करोड़ रुपये रिफंड किए हैं। स्पेशल तौर पर ओपन किए गए बैंक अकाउंट्स में जमा रकम बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। निवेशकों का पैसा सेबी के पास है और ऑनलाइन अप्लाई करने वालों को मिलना तय है। मुंबई में इलाज के दौरान निधन बता दें कि सहारा प्रमुख सुब्रत रायॅ का मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह गंभीर बीमारी से ग्रसित थे। करीब दो माह पूर्व वह इलाज के लिए मुंबई गये थे। वह अपने पीछे पत्नी स्वप्ना राय और दो बेटों सुशांतो और सीमांतो को छोड़ गए है। तीनों कई साल से विदेश में हैं। सुब्रत रॉय सहारा का जन्म 10 जून 1948 को हुआ था। वे भारत के प्रमुख कारोबारी और सहारा इंडिया परिवार के फाउंडर थे। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन