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बिंद्रानवागढ़ में जनसेवा और समर्पण के नेताम: विधानसभा की राजनीति में कद्दावर चेहरा, कोरोना की महामारी में देवदूत बने थे संजय, पढ़िए सेवा और सियासी कहानी

गिरीश जगत, गरियाबंद: आसन्न विधानसभा चुनाव की तैयारियां सभी राजनीतिक दलों के संभावित दावेदारों द्वारा निरंतर जारी है। भाजपा के गढ़ कहे जाने वाले गरियाबंद जिले की अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित बिंद्रानवागढ़ विधानसभा सीट में भी दोनों राष्ट्रीय दलों भाजपा और कांग्रेस पार्टी अपने प्रत्याशी तलाशना शुरू कर चुकी है। जिले की ही राजिम विधानसभा सीट में भाजपा ने अपने पत्ते खोलते हुए रोहित साहू को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, जिसके कारण जिले की एक अन्य सीट बिंद्रानवागढ़ में भी राजनीतिक सुगबुगाहट तेज है।

इन सब के परे एक युवा चेहरा जो कांग्रेस पार्टी से विगत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हैं। उनके द्वारा आमजनों के बीच रहकर आमजनों के लिए कार्य करने की शैली सबके मन को भा रहा है। नाम है संजय नेताम, ये वही संजय नेताम हैं, जो बिना किसी पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि के आज बिंद्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र में सबके चहेते बनकर अपनी राजनीतिक कुशलता का परिचय दिया है।

विगत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी के रूप में शानदार प्रदर्शन कर अपेक्षाकृत कम अंतर से वे जीत से दूर रहे थे। बिंद्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस विधायक एवं छुरा राजपरिवार से ताल्लुक रखने वाले कुमार ओंकार शाह के द्वारा 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बगावत कर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ना कांग्रेस के लिए नुकसानदेह रहा जिसके कारण कांग्रेस को हार मिली अन्यथा कांग्रेस के प्रत्याशी संजय नेताम प्रदेश के उन चुनिंदा युवा विधायकों में गिने जाते जिनकी योग्यता को परखकर पार्टी ने विधानसभा का टिकट दिया था, लेकिन पराजय को भूलकर जिस प्रकार संजय नेताम ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में दौरा किया।

निरंतर जनसमस्याओं के निवारण को सक्रिय रहे इसे देखकर उन्ही क्षेत्र की जनता ने जिला पंचायत चुनाव में 12 हजार मतों से विजय दिलाकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष भी बनवाया। संजय नेताम की राजनिति की शुरुवात 2008 में तब हुई जब तत्कालीन कांग्रेस विधायक ओंकार शाह उनके निजग्राम शोभा आये थे तभी इनके युवावस्था के कार्यशैली और तेजतर्रार से बेहद प्रभावित हुए थे और तत्कालीन उपसरपंच मनोज मिश्रा से पूछे कि ऐसे युवाओं को पार्टी में आगे लाओ

तभी से संजय युवा कांग्रेस में काम करते करते 2010 में रायपुर संभाग अंतर्गत सबसे युवा सरपंच 21 साल की उम्र में बने साथ ही पूरे प्रदेश में सबसे कम उम्र के सरपंच संघ के अध्यक्ष बने, फिर तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। युवा कांग्रेस,ब्लॉक कांग्रेस व जिला कांग्रेस के अनेक पदों पर रहें 2015 में जनता के मंशानुरूप इस बार जनपद का चुनाव लड़े और भारी मतों से जनपद सदस्य का चुनाव जीते और भाजपा की सरकार रही अधिकांश भाजपा के जनपद सदस्य जीतकर जनपद में पहुंचे हुए थे।

उसके बाद भी जनपद अध्यक्ष चुनाव के लिए लड़ाई लड़ी पर 24 जनपद सदस्यों वाली मैनपुर जनपद में संजय 3 वोट से जनपद अध्यक्ष का चुनाव हार गए थे। इसके बाद भी संजय यहीं नहीं रुके और लगातार भाजपा सरकार के विकास विरोधी और क्षेत्रीय विधायक के निष्क्रियता को लेकर लंबी लड़ाई लड़ते रहे 2017 में क्षेत्र के बिजली,सड़क पुल पुलिया व अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर जिला मुख्यालय तक 70 किमी की पदयात्रा की, जिसमें व्यापक जनसमर्थन मिला और हजारों की संख्या में लोग कलेक्ट्रेट का घेराव किये।

तभी से कांग्रेस पार्टी और क्षेत्र की जनता को लगने लगा था कि ये वो युवा नेता हैं, जो इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का माद्दा रखता है और उसी का परिणाम रहा कि 2018 में कांग्रेस पार्टी ने बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र से अधिकृत प्रत्याशी घोषित किये पूरे क्षेत्र में जश्न देखा गया।

लोगों में भारी उत्साह रहा पर कांग्रेस के पूर्व विधायक ओंकार शाह ने समीकरण बिगाड़ दिया और गोंगपा से चुनाव लड़कर 19 हजार से अधिक मत पाकर कांग्रेस को जीत से वंचित कर दिया परिणामत: कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में संजय नेताम 10 हजार मतों से चुनाव हार गए।

हारने के बाद भी ऐसा प्रत्याशी रहा कि गांव गांव जाकर मतदाताओं को आभार किये और सहयोग के लिए 70 हजार मतदाताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि आपके अमूल्य सहयोग को भूल नही पाऊंगा। सरकार के मंशानुरूप गांव गांव जनचौपाल लगाकर लोगो की समस्याएं सुनने लगे जनचौपाल में कई समस्याएं आती रही, जिसे संजय ने कुछ को त्वरित निदान के लिए अधिकारियों से बात करके करवाते रहे।

शासन स्तर की मांग आती थी उसे शासन तक पहुंचाते रहे जनचौपाल में लोगो का विश्वास बढ़ते गया और सैकड़ो की संख्याएं में लोग जनचौपाल में आते थे,इसके बाद भी संजय यही नही रुके 2020 के जिला पंचायत के चुनाव में जिस क्षेत्र से वे विधानसभा चुनाव में कम वोट प्राप्त किए थे।

उसी क्षेत्र में भारी बहुमत से 11995 वोटों से चुनाव जीते और जिला पंचायत के उपाध्यक्ष बनकर आज पूरे विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के सबसे लोकप्रिय चेहरा बनकर उभरे हैं, कोरोना काल में लोग जब बाहर फंसे हुए थे तो उन लोगो को वापस लाने में संजय ने महती भूमिका निभाई और भीषण कोरोना काल मे जनता के बीच जाकर लगातार उनकी हर सम्भव मदद किये।

इस दौरान वे खुद भी 2 बार कोरोना पॉजिटिव हुए थे 10 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे ,अस्पताल से आने के बाद भी उन्होंने क्षेत्र के लोगो के बीच लगातार सक्रिय रहे,सालों से लंबित राशन कार्ड को संजय नेताम ने घंटों में बनवाकर हजारों गरीब परिवारों का राशन कार्ड घर घर जाकर बांटे और सरकार के योजनाओ के बारे में लोगो को बताया,कई गरीब बच्चों को रायपुर के अस्पतालों में इलाज हेतु व्यक्तिगत सहयोग के साथ साथ सरकार के विभिन्न योजनाओ से लाभ दिलाया।

कई बच्चो को पढ़ाई के लिए मदद किये। पूरे विधानसभा क्षेत्र में संजय युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है क्रिकेट,कबड्डी जैसे आयोजनों में सबसे ज्यादा संजय जाकर युवाओं के विश्वास को कायम रखे,जिला पंचायत मदो से कई सामाजिक भवनों का ,कई मार्गो में पूल पुलिया महिला समूहों के लिए भवन स्कूलों का निर्माण,नाली निर्माण , स्कूलों में सायकल स्टैंड,स्कूलों में शौचालयों का निर्माण,उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों के निर्माण ऐसे अनगिनत कार्य है जो संजय ने किया है।

लोगो के समस्याओं के निराकरण हेतु सबसे आगे खड़े रहते हैं। आज भी क्षेत्रवासियों ख़ासकर युवाओं और माताओं के बीच संजय नेताम की छवि लोकप्रिय और जननेता की रही है और सभी चाहते हैं कि कांग्रेस के प्रत्याशी तथा बिंद्रानवागढ़ का विधायक के रूप में संजय नेताम इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करें।

Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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