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गरियाबंद में रेतिस्तान के बैखौफ डकैत: रेत माफिया ने सुपेबेड़ा इंटेक वेल डैम को तोड़ा, नींद में टास्क फोर्स, देवभोग में एक्शन से घबराहट ?

गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में रेत माफिया बेलगाम हो गए हैं। सुपेबेडा जल प्रदाय योजना के लिए निर्माणाधीन इंटेक वेल के काफर डैम को तोड़ दिया। इसके बाद रेत के अवैध परिवहन के लिए नदी में रास्ता बनाया। चेन माउंटेन से दिनभर हाईवा से रेत ढोया गया। इंटेक वेल निर्माण के ठेकेदार ने PHE को घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माफिया ने धमकी दी है। अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।

Sand mafia breaks Supebeda intake well dam in Gariaband: गरियाबंद तेल नदी के सेनमूड़ा घाट में रेत माफियाओं ने इंटेक वेल निर्माण के लिए बनाए गए काफर डैम को क्षतिग्रस्त कर रेत का अवैध परिवहन करना शुरू कर दिया है। सेनमूड़ा जल प्रदाय योजना के लिए तेल नदी पर बनाए जाने वाले इंटेक वेल के खनन के पहले बाहर की मिट्टी लाकर काफर डैम का निर्माण कराया गया था।

Sand mafia breaks Supebeda intake well dam in Gariaband: महावीर बोर वेल के साइड इंजीनियर शेषनारायण ने पूर्व रेत ठेकेदार के नाम से पीएचई ईई पंकज जैन से लिखित शिकायत की है। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह चेन माउंटेन लेकर कुछ लोग नदी में घुसे और काफर डैम को ध्वस्त कर रेत निकासी के लिए रास्ता बना दिया।

खुद को बताया रेत खदान का मालिक

Sand mafia breaks Supebeda intake well dam in Gariaband: मना करने पर खुदाई करवाने के लिए पहुंचे भूते यादव नाम का युवक धमकी देता रहा। युवक भूते यादव अपने आप को रेत खदान मालिक का आदमी बताता रहा। शिकायत करने की बात कही, तो फोन से कॉल कर साइड इंजीनियर को निर्माण कार्य के लिए लगने वाले रेत की रॉयल्टी रोकने की धमकी तक दे दिया गया।

दिन भर किया रेत का अवैध परिवहन

दबंग रेत माफियाओं ने चेन माउंटेन से रविवार को दिन भर हाइवा भर-भर के रेत का अवैध परिवहन कराया। मामले में पीएचई पंकज जैन ने कहा कि अवैध परिवहन टास्क फोर्स बनाया गया है। उन्हें सूचना देने के अलावा कलेक्टर को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के लिए निवेदन किया जाएगा।

कोई खदान अधिकृत नहीं

देवभोग तहसील में खनिज विभाग द्वारा कुम्हड़ी घाट का निविदा जारी किया गया है। परिवहन विभाग का एनओसी नहीं होने के कारण इस खदान की रॉयल्टी जारी नहीं की गयी है। करचिया खदान के पूर्व ठेकेदार ने रेत डंपिंग की पीट पास खनिज विभाग से बनाया हुआ है। वहीं से ही रेत विक्रय किया जाना बताया जाता है।

साल भर रेत की भारी सप्लाई हुई लेकिन रेत डंपिंग आज तक खत्म नही हुआ। डंप रेत के आड़ में इसी तरह घाट बदल बदल कर रेत का अवैध खनन व परिवहन कराया जा रहा है। जिले भर में रेत माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है, लेकिन देवभोग कार्रवाई से अछूता है। करचिया व कुम्हड़ी घाट में अवैध खनन के बाद अब सेनमूड़ा घाट पर यह काम किया जा रहा है।

सूपेबेड़ा जलप्रदाय योजना का काम दो महीने से चालू

Sand mafia breaks Supebeda intake well dam in Gariaband: लगभग 10 करोड़ लागत से सूपेबेड़ा जलप्रदाय योजना का काम दो महीने से चालू है। महावीर बोरवेल को यह काम मिला हुआ है। सूपेबेड़ा बस्ती के ऊपर बन रहे वाटर रिमूवल प्लांट को तेल नदी से पानी सप्लाई के लिए नदी के भीतर इंटेक वेल बनाया जा रहा है।

रेत का अवैध परिवहन बना रोड़ा

निर्माण के दौरान अचानक पानी के बहाव निर्माण क्षेत्र में ना घुसे उसके लिए 50 मीटर की परिधि में काफर डेम का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए ठेका कंपनी ने बाहर से मिट्टी लाकर नदी को तीन छोर में घेरा था। लेकिन मुख्य बंधान को तोड़ कर अवैध परिवहन के लिए रास्ता बना दिया गया।

Sand mafia breaks Supebeda intake well dam in Gariaband: गौरतलब है कि इस घाट में इंटेक वेल के अलावा सिंचाई विभाग का डायफार्म वाल, पीएम जीएस वाय विभाग का पूल निर्माण का काम चल रहा है। ऐसे में इसी घाट पर रेत माफिया के रोड़ा से ग्रामीणों में जबदरस्त आक्रोश देखा गया है।

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