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मोहन सरकार फिर लेगी 5 हजार करोड़ का कर्ज: 5500 करोड़ का पहले ही कर्ज ले चुकी है नई सरकार, लोकसभा चुनाव से पहले तैयारी

Mohan government will again take a loan of Rs 5 thousand crores: मध्यप्रदेश की मोहन सरकार नए साल में दो महीने के अंदर तीसरी बार कर्ज लेने की तैयारी में हैं। इस बार 20 फरवरी को तीन अलग-अलग प्रोसेस में 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेगी। इससे पहले साल 2024 में राज्य सरकार 23 जनवरी को 2500 करोड़ रुपये और 6 फरवरी को 1500-1500 करोड़ रुपये का अलग-अलग कर्ज ले चुकी है।

मोहन यादव सरकार वित्त वर्ष समाप्ति के पहले 20 फरवरी को बिडिंग के जरिये कुल 5000 करोड़ रुपए का कर्ज लेने की प्रक्रिया पूरी करने जा रही है। 21 फरवरी को सरकार को कर्ज मिल जाएगा। इसके लिए तीन प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

जानिए सरकार कब कब ले सकती है कर्ज

पहली और दूसरी प्रक्रिया में सरकार 16 और 20 साल के लिए 1500-1500 करोड़ रुपये का कर्ज लेगी। जिसे 21 फरवरी 2040 और 21 फरवरी 2044 तक चुकाना होगा। इसका भुगतान 21 फरवरी 2045 तक करना होगा। वित्त विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, राज्य सरकार 31 मार्च से पहले 5,000 करोड़ रुपये तक का कर्ज ले सकती है।

इससे पहले सरकार ने 23 जनवरी को 2500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। जिसे 24 जनवरी 2040 तक चुकाना है। 15 दिन के अंदर 6 फरवरी को 3 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया गया। 3000-1500 करोड़ रुपये का यह कर्ज 16 और 17 साल की अवधि के लिए लिया गया है।

लोकसभा चुनाव से पहले तैयारी

वित्त विभाग के सूत्रों का कहना है कि सरकार यह कर्ज वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर ले रही है, ताकि सरकार का वित्तीय ढांचा चरमरा न जाए। ये सभी लोन आरबीआई की गाइडलाइन के आधार पर लिए जा रहे हैं। सरकार पिछली शिवराज सरकार की सभी योजनाओं को लोकसभा चुनाव तक जारी रखना चाहती है और किसी भी तरह का विवाद पैदा नहीं होने देना चाहती।

इसलिए पहले से ही ऋण की व्यवस्था की जा रही है। आरबीआई की गाइडलाइन के आधार पर अप्रैल में वित्तीय वर्ष के अंत में कर्ज लेने की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी। इसलिए अप्रैल महीने के खर्चों को ध्यान में रखते हुए सरकार मार्च में ज्यादा कर्ज लेने की तैयारी में है।

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