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फैक्ट्री ब्लास्ट में 11 मौत, एसपी-कलेक्टर हटाए गए: कई और अधिकारियों पर गिरी गाज, CM मोहन घटना स्थल पर पहुंचे, तो जनता का फूटा गुस्सा

MP- 11 dead in Harda factory blast- SP-Collector removed: मध्यप्रदेश के हरदा जिले में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने एसपी संजीव कुमार कंचन और कलेक्टर ऋषि गर्ग को हटा दिया है। इसके साथ ही फैक्ट्री इंस्पेक्टर और सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा नवीन कुमार बरवा को भी निलंबित कर दिया गया है।

कलेक्टर ऋषि गर्ग को उप सचिव, मध्य प्रदेश शासन बनाया गया है, जबकि एसपी संजीव कुमार को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। नई पदस्थापना होने तक सीईओ जिला पंचायत हरदा रोहित सिसोनिया को हरदा कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

इससे पहले पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के करीब 26 घंटे बाद बुधवार दोपहर को रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई है। 51 फ़ैक्ट्री श्रमिकों सहित 217 लोग घायल हो गए। 184 लोगों को बचाया गया है।

घायलों से मिले सीएम, घटना स्थल पर भी पहुंचे

इधर, सीएम डॉ. मोहन यादव बुधवार को हरदा पहुंचे, जहां उन्होंने जिला अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना। सीएम ने कहा कि इस मामले में ऐसी कार्रवाई होगी कि लोग याद रखेंगे। सीएम यादव भी घटना स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की जानकारी ली।

वहीं सीएम के दौरे को लेकर जमकर बवाल हो गया. सीएम की गाड़ी के सामने पीड़ितों ने जमकर हंगामा किया. पुलिस बल का उपयोग करने के बाद मुख्यमंत्री की कार आगे बढ़ पाई. लोग सीएम के न मिलने से नाराज हो गए. वहीं सीएम ने हर संभव मदद के साथ दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है.

फैक्ट्री संचालक को हो चुकी है सजा

फैक्ट्री संचालक राजू उर्फ राजेश अग्रवाल को 2015 में 10 साल कैद की सजा सुनाई गई थी और 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. आरोपी को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 5 के तहत दंडित किया गया।

जानकारी के मुताबिक यह फैक्ट्री पिछले 25 सालों से चल रही थी. अब इस पूरे मामले की जांच के लिए सीएम मोहन यादव ने 6 सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन किया है.

क्या फैक्ट्री अयोग्य थी ?

हरदा एसडीएम केसी परते ने बताया कि पटाखा फैक्ट्री फिट नहीं थी, इसलिए यह हादसा हुआ. कुछ समय पहले हरदा प्रशासन ने पटाखा फैक्ट्री को अनफिट घोषित कर दिया था.

बाद में संभागायुक्त नर्मदापुरम ने इसे बहाल कर दिया। फैक्ट्री करीब डेढ़ एकड़ में फैली हुई है। यहां 300 से ज्यादा लोग काम करते हैं. जानकारी यह भी आ रही है कि गोदाम में बारूद का स्टॉक जरूरत से ज्यादा था और यही हादसे का कारण हो सकता है.

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