मध्यप्रदेशस्लाइडर

MP कांग्रेस इन नेताओं पर लगाएगी लोकसभा में दांव: उम्मीदवारों पर मंथन जारी, 29 में से केवल एक सीट पर है कांग्रेस का कब्जा

Lok Sabha Election: आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस सक्रिय हो गई है। पार्टी संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा का दौर शुरू कर रही है। उम्मीदवार कैसा हो, उसकी जमीनी पकड़ कितनी हो और वह विरोधी पार्टी के उम्मीदवार से कैसे मुकाबला कर सके, इस पर भी विचार की प्रक्रिया शुरू हो रही है।

मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के लिए कांग्रेस ने टिकट का 50-50 का फॉर्मूला तय कर लिया है। कांग्रेस 29 में से 14 से 15 सीटों पर युवाओं को टिकट देगी। बाकी सीटों पर सीनियर लीडर्स को चुनाव लड़वाएगी।

दरअसल, राज्य में 29 लोकसभा सीटें हैं और इनमें से 28 पर बीजेपी का कब्जा है, सिर्फ एक सीट छिंदवाड़ा कांग्रेस के पास है, जहां से नुकलनाथ सांसद हैं। पार्टी दिग्गज नेताओं को भी मैदान में उतारना चाहती है। लेकिन ये नेता चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं। इसके बावजूद पार्टी ने शनिवार को भोपाल में प्रदेश स्तरीय चुनाव समिति और फिर एमपी कांग्रेस के लोकसभा प्रभारियों की जरूरी बैठक हुई।

इस बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त लोकसभा चुनाव स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता रजनी पाटिल और सदस्य परगट सिंह, कृष्णा अलीवरू के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मौजूद रहे।

संभावित दावेदार की मुलाकात

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने कहा कि बैठक के अलावा स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष और सदस्य प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में ही कांग्रेसियों से मुलाकात की। लोकसभा चुनाव के सभी संभावित दावेदार भी उपरोक्त तीनों नेताओं से मुलाकात कर सकेंगे।

कांग्रेस की जीत आसान नहीं

सूत्रों का कहना है कि राज्य की 29 में से करीब एक दर्जन सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस सक्षम उम्मीदवारों के संकट से जूझ रही है। वह विधानसभा चुनाव हारने वालों पर भी दांव लगा सकती है। इसकी वजह ये है कि कई नेता ऐसे हैं जो चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं।

पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश के बड़े नेताओं को मैदान में उतारना चाहते हैं, ताकि लोकसभा चुनाव में पार्टी लड़ती नजर आ सके। यह मुद्दा शनिवार को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में भी उठ सकता है, जिसमें लोकसभा प्रभारी न सिर्फ दावेदारों का जिक्र करेंगे, बल्कि कार्यकर्ताओं की मंशा भी बताएंगे।

Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

Show More
Back to top button