रायपुर. कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. आज से लगभग 7 महीने बाद छत्तीसगढ़ में चुनाव होने हैं. ऐसे में एक बार फिर सीएम की कुर्सी को लेकर टीएस सिंहदेव (TS Singhdeo) का तीखा तेवर देखने को मिला है. उन्होंने इशारों ही इशारों में ये तक कह दिया कि, जब अलाकमान की ओर से किए हुए वादे पूरे नहीं किए जाते, तो दुख होता है. ऐसे में एक बार फिर कांग्रेस नेताओं में दरार आने की संभावना जताई जा रही है.
बता दें कि, छत्तीसगढ़ में चुनाव नजदीक आते ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है. कांग्रेस के नेता अपने ही पार्टी के खिलाफ बगावती सुर उठाने लगे हैं. जो कांग्रेस के लिए चिंता के साथ नई चुनौती भी पेश कर रहे हैं. एक ओर कांग्रेस के नेता सत्ता में वापसी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं.
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वहीं इससे पहले राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की मुसीबत बढ़ गई है. जहां एक ओर राजस्थान में सचिन पायलट ने मंगलवार को अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन करने का ऐलान किया है. तो वहीं छ्त्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव (TS Singhdeo) ने भी तल्ख तेवर दिखाए हैं.
दरअसल, सीएम की कुर्सी के लिए टीएम सिंह देव की नाराजगी किसी से छिपी नहीं है. वे लगातार छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार को सवालों के कटघरे में खड़े करते नजर आए हैं. अब सिंह देव से राजस्थान और सचिन पायलट के मुद्दे पर सवाल किया गया.
इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या राजस्थान की तरह छत्तीसगढ़ में भी विवाद उमड़ रहा है? क्या टीएस सिंह देव को लग रहा है कि उन्हें काम नहीं करने दिया जा रहा?
इस पर सिंह देव ने कहा, मेरे लिए नाराजगी की बात नहीं है. लेकिन बंद कमरों में क्या बात होती है, उसे बोलने के लिए हम फ्री नहीं हैं. मीडिया में बार बार ढाई-ढाई साल सीएम बनाने की बात आती रही, मुझे लगता है कि मीडिया को इस बारे में जानकारी होगी.
वाली बात आती रही, मुझे लगता है कि मीडिया को इस बारे में जानकारी होगी. लेकिन जब ये नहीं हुआ, तो दुख तो होता है. एक चांस था कि, काम करने का मौका मिल सकता था. लेकिन ये पार्टी के अंदर की बात है. पार्टी आलाकमान जो तय करता है, हम उसे मानते हैं.
साथ ही सिंहदेव ने सीएम बनाने को लेकर यह भी कहा, ये कांग्रेस ने सार्वजनिक तौर पर नहीं कहा. ये सब बंद कमरों की बातें होती हैं. इनकी मर्यादा बनाए रखनी होती है. कभी मौका मिला, तो क्या बात हुई थी, ये बताएंगे.
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