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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर लाल कृष्ण आडवाणी का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा?

नई दिल्ली। आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी। कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाबत सभी गणमान्यों को न्योता भेजा जा चुका है, जिसे कुछ लोग सहर्ष स्वीकार कर चुके हैं, तो कई ठुकरा भी चुके हैं, जिसे लेकर बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। बता दें कि बीते दिनों कांग्रेस ने केंद्र सरकार के न्योते को ठुकराया था, जिस पर बीजेपी ने निशाना साधा था। बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने कांग्रेस को जहां मौसमी हिंदू बताया था, तो वहीं दूसरी तरफ सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि कांग्रेस को लग रहा था कि कभी राम मंदिर नहीं बनेगा, लेकिन अब जब राम मंदिर बनकर तैयार हो चुका है, तो कांग्रेस इस बात को नहीं पचा पा रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के अधिकांश नेता प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं। बहरहाल, जिस तरह से इस पूरे मुद्दे को लेकर सियासी बवाल छिड़ा हुआ है। उसे लेकर आगामी दिनों में क्या कुछ कदम उठाए जाते हैं। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, लेकिन आइए उससे पहले आपको लाल कृष्ण आडवाणी के बयान के बारे में विस्तार से बताते हैं।

ayodhya ram temple

दरअसल, लाल कृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर कहा कि, ‘ कई वर्ष पहले नियति ने यह तय कर लिया था कि राम मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा। जब प्रधानमंत्री राम मंदिर का उद्घाटन कर रहे होंगे, तो उस वक्त भारत के प्रत्येक नागरिक का प्रतिनिधित्व कर रहे होंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में यह मंदिर प्रत्येक भारतीयों को भगवान राम के गुणों को अपने अंदर आत्मसात करने में मदद करेगा।

उन्होंने आगे कहा कि रथयात्रा के दौरान ही मुझे इस बात का एहसास हो चुका था कि मैं मात्र एक साऱथी हूं। संदेशवाहक तो कोई और है और आज यही देखने को मिल रहा है, जिसकी अभी खूब चर्चा हो रही है। बता दें कि अपने इस वक्तव्य से उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा किया। जिसकी अभी खूब चर्चा हो रही है। ध्यान दें, पीएम मोदी ने यह बातें राष्ट्रधर्म पत्रिका से बातचीत के दौरान कही।

बहरहाल, तो कुल मिलाकर आप देख सकते हैं कि राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देश की राजनीति में किस तरह बवाल मचा हुआ है। लोग इस पर अलग-अलग तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फिलहाल, सभी राम भक्तों को उस पल का इंतजार है, जब रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होगा। वहीं, आज प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र में अटल सेतु के उद्घाटन के दौरान भी उन सभी विपक्षियों को आड़े हाथों लिया, जिन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में ना आने का फैसला किया। अब ऐसे में आगामी दिनों में सत्तापक्ष और विपक्ष का इस पूरे मुद्दे को लेकर क्या रुख रहता है। इस पर सभी की निगाहे टिकी रहेंगी।

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