गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आवास न्याय योजना बीजेपी ने घोटाला का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। बीजेपी का दावा है कि लिस्ट में कांग्रेस नेताओं के बेटे बेटी और रिश्तेदारों के नाम हैं। इतना ही नहीं जिनके पास आलीशान घर है, उसको भी लिस्ट में शामिल किया गया है, जबकि कांग्रेस कह रही है आवास किसी व्यक्तिगत पद पहचान के आधार पर नहीं मिला है। ये पूरा मामला कोपरा ग्राम पंचायत का है।
गुस्साए हितग्राहियों ने थामा बीजेपी का दामन
29 सितंबर की देर शाम 150 से ज्यादा गुस्साए लोगों ने भाजपा प्रवेश किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा नेताओं का दावा है कि प्रवेश करने वाले ज्यादातर आवास योजना से असंतुष्ट ग्रामीण हैं।
ये हैं कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता- बीजेपी का दावा
पहला नाम
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ठाकुर राम साहू, जो गरियांबद उप जेल संदर्शक के पद पर हैं। उनकी बेटी का नाम धरती साहू है, जिनका नाम आवास न्याय योजना में शामिल है।
दूसरा नाम
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओमकार सिंह ठाकुर जो जिला कांग्रेस कमेटी के प्रशासनिक महामंत्री हैं, उनके बेटे हर्षवर्धन सिंह हैं। ये अविवाहित हैं। एकलौते बेटे हैं। इनका नाम भी आवास न्याय योजना में शामिल है।
तीसरा नाम
कोपरा के पूर्व सरपंच सूरज सिंह दाऊ, जिनकी पत्नी ललिता दाऊ है। आवास न्याय योजना में ललिता का नाम भी शामिल है. बीजेपी का दावा है कि इनके पास पहले से आलीशान बंगला है।
एक ही परिवार के तीन नाम
दीपिका, पति नित्यानंद साहू, उर्मिला, रति ओमकार साहू, चूड़ामणि, पति वेदप्रकाश साहू ये एक ही परिवार के हैं, जिनके नाम आवास न्याय योजना में आया है।
इनके घर पहले से पक्के- बीजेपी का दावा
- दामनी, पति बेदराम साहू
- युगेश्वरी, पति राकेश साहू
- गिरजा, पति कमलेश कुमार साहू
- दीपिका, पति नित्यानंद साहू
- उर्मिला, पति ओमकार साहू
- चूड़ामणि, पति वेदप्रकाश साहू
- सुमन साहू
- सविता सोनी, पति योगेंद्र सोनी
- मीनाक्षी धनगर
- हटीयारिन बाई
- रामकुंवर
- पुष्पा बाई तारक
- आरती सिंह, पति गौरव सिंह ठाकुर, डबल मंजिल बिल्डिंग
- ज्योति सिन्हा, पति टीकम सिन्हा
- युग्नंदनी सिन्हा, पति टीकू सिन्हा
- त्रिवेणी बाई, पति गिरवर सिंह
गरीबों को नहीं मिला घर
कोपरा ग्राम पंचायत में कई परिवार ऐसे हैं, जिनको हकीकत में घरों की सख्त जरूरत है। टूटे-फूटे मकानों में रहते हैं। इसमें एक मजदूर महिला त्रिवेणी बाई है, जो अपने दो बेटों के साथ पिछले 5 साल से आंगनबाड़ी में रहकर गुजर बसर कर रही है। उसे भी आस है कि आवास न्याय योजना के तहत घर मिलेगा, लेकिन महिला का नाम लिस्ट से गायब है।
आवास योजना का किया कांग्रेसीकरण- भाजपा
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा का आरोप है कि आवास न्याय योजना का गरीब और आवासहीन लोगों से कोई लेना देना नहीं है। कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ताओं को फायदा पहुंचाने इस योजना का कांग्रेसी करण किया गया है। कोपरा में जारी सूची ही नहीं, बल्कि प्रदेश के किसी कोने की सूची उठा कर देख लें। आवास न्याय योजना में घोटाला के आरोप लगाए हैं।
आरोपों पर क्या बोलीं सरपंच ?
सरपंच योगेश्वरी साहू ने मामले में कहा कि पंचायत ने अपनी मर्जी से हितग्राहियों की कोई सूची नहीं बनाई है, बल्कि प्रशासन के कराए गए सर्वे में जो नाम आए थे, उन्हीं नाम की मंजूरी दी गई है। कांग्रेस नेता और उनके परिवार को सीधा फायदा देने का आरोप गलत है।
बीजेपी के आरोपों पर क्या बोली कांग्रेस ?
कांग्रेस जिलाध्यक्ष भाव सिंह साहू ने बीजेपी के आरोपों पर कहा कि आवास किसी व्यक्तिगत पद पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक जनगणना सर्वे के आधार पर देने का प्रावधान था। प्रदेशभर में यही मापदंड को आधार माना गया।
कोपरा में आए नाम हो सकते हैं संयोग मात्र हो, उनमें से कुछ नाम ऐसे भी हैं, जो पहले माल गुजार थे, लेकिन अभी नहीं हैं। इसलिए सरकार ने आर्थिक जनगणना भी कराया है।
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