देश - विदेशनई दिल्लीस्लाइडर

रेल यात्रियों को बड़ी राहत: रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों का दर्जा किया खत्म, अब कम हो जाएगा किराया

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों का स्पेशल दर्जा समाप्त कर दिया है. अब पुराने नंबर और पुराने किराए पर ही ट्रेनों का संचालन होगा. रेलवे के मुताबिक अब स्पेशल ट्रेन के नंबर से ‘0’ हटा दिया जाएगा. सभी ट्रेनें प्रीकोविड ट्रेन के नंबर से ही चलेंगी. कोविड से पहले जो रेल किराया था वह भी लागू होगा. रेलवे ने शुक्रवार को मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए ‘विशेष’ टैग हटाने और महामारी से पहले किराया तत्काल प्रभाव से वापस करने का आदेश जारी किया.

MP में खौफनाक वारदात: कांग्रेस विधायक के बेटे ने खुद की कनपटी पर मारी गोली, ऑन द स्पॉट मौत, मिला सुसाइड नोट

जब से कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन में ढील दी गई थी, रेलवे केवल विशेष ट्रेनें चला रहा है. इसकी शुरुआत लंबी दूरी की ट्रेनों से हुई थी और अब यहां तक कि कम दूरी की यात्री सेवाओं को ‘थोड़ा अधिक किराए’ वाली विशेष ट्रेनों के रूप में चलाया जा रहा है ताकि ‘लोगों को परिहार्य यात्रा से हतोत्साहित’ किया जा सके. रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को जोनल रेलवे को लिखे पत्र में कहा कि ट्रेनें अब अपने नियमित नंबर के साथ परिचालित की जाएंगी और किराया कोविड पूर्व दर जैसा सामान्य हो जाएगा.

नाबालिग गैंगरेप केस: पूर्व मंत्री समेत 3 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, SC के फटकार के बाद दर्ज हुई थी FIR

स्पेशल ट्रेनों का किराया सामान्य ट्रेनों की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है. रेलवे ने कोविड प्रोटोकॉल में स्पेशल कैटेगरी में ट्रेनें चलाने की शुरुआत की. इसका मकसद ट्रेनों में भीड़ को काबू में रखना था. फिलहाल रेलवे की 95 फीसदी मेल एक्सप्रेस ट्रेनें पटरी पर लौट चुकी हैं. लेकिन इनमें से करीब 25 फीसदी ट्रेनें अभी भी विशेष श्रेणी में चल रही हैं. इन ट्रेनों में 30 फीसदी अधिक किराया लागू है.

गैंगरेप की खौफनाक वारदात: 17 साल की लड़की से 17 हैवानों ने 4 दिन तक किया गैंगरेप, किडनैप कर ले गया था कैब ड्राइवर

इसके अलावा पैसेंजर ट्रेनों में करीब 70 फीसदी ट्रेनों को मेल एक्सप्रेस का दर्जा भी दिया गया है. जिससे यात्रियों को उनके लिए भी ज्यादा किराया देना पड़ता है. कोविड से पहले रेलवे में करीब 1700 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलती थीं. इनमें से ज्यादातर ट्रेनों को दोबारा शुरू कर दिया गया है. वहीं कोविड से पहले करीब 3500 यात्री ट्रेनें चलती थीं, लेकिन इनमें से अभी करीब 1000 ही चलाई जा रही हैं. जबकि हर जोन की सभी उपनगरीय ट्रेनें शुरू कर दी गई हैं.

MP में किसान ने की खुदकुशी: बैंक से मिला साढ़े 3 लाख जमा करने का नोटिस, कर्ज से परेशान किसान ने कर ली आत्महत्या

रेलवे ने शुक्रवार को सर्कुलर जारी कर इसी व्यवस्था को खत्म करने का ऐलान कर दिया. हालांकि सीआरआईएस को सॉफ्टवेयर में बदलाव करने में 2-3 दिन तक का समय लगता है. इसलिए इस नए फैसले को लागू होने में 2-3 दिन लगने की संभावना है. इस नए आदेश के साथ रेलवे ने यह भी साफ कर दिया है कि पहले से बुक किए गए टिकट पर न तो रेलवे किसी तरह का एक्स्ट्रा चार्ज लेगा और न ही किसी तरह का रिफंड देगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button