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: ब्लास्ट से दहल रहा पुष्पराजगढ़: हैवी ब्लास्टिंग से पानी टंकी में आई दरारें, रोजाना धरती का सीना चीर रहे क्रेशर, आंख में पट्टी बांध बैठा प्रशासन, कहीं सांठगांठ तो नहीं ?

MP CG Times / Sat, Jun 18, 2022

रमेश तिवारी, पुष्पराजगढ़। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में हैवी ब्लास्टिंग जोर शोर से जारी है, लेकिन प्रशासन बहरा हो गया है. रोजाना के ब्लास्ट से इलाका दहल रहा है, लेकिन मजाल है कि जिम्मेदार इधर आंख उठाकर देख लें, जिसका नतीजा अब नल जल योजना की पानी टंकी में दिखने को मिला है. हैवी ब्लास्टिंग के कारण पानी टंकी में दरारें पड़ गई हैं. दरअसल, अवैध उत्खनन और परिवहन के कारोबार पर कार्रवाई करने के लिए मध्यप्रदेश शासन तथा संभागायुक्त ने सख्त निर्देश जारी किए हैंं. सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान तल्ख लहजे में बोल चुके हैं, खनिज माफिया तेरा खैर नहीं. बावजूद इसके सरकारी नुमाइंदें सरकार की आवाज सुन नहीं पा पा रहे हैं. रोजाना सरकार को करोड़ों का चूना लग रहें है. राजस्व में घाटा हो रहा है. पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में अवैध पत्थरो का उत्खनन नहीं रुक रहा है. पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के ग्राम दोनिया में संचालित सरस्वती मिनरल क्रेशर संचालक द्वारा राजस्व वन विभाग और आदिवासियों की जमीन पर पत्थरों का अवैध उत्खनन कर ट्रैक्टरों के माध्यम से क्रशरों तक पहुंचाया जा रहा है. साथ ही लीज पर ली गई खदान में दिनांक 17 जून 2022 को बिना परमिशन और अनुमति के हैवी ब्लास्टिंग कराई गई है. हैवी ब्लास्टिंग से आस पास के मकानों एवं नल जल प्रदाय योजना के अंगर्गत बनाई गई पानी की टंकी में दरार आ गई. जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है, जिनकी शिकायत ग्रमीणों द्वारा खनिज विभाग और राजस्व विभाग से की है. खनिज संपदा का दोहन पुष्पराजगढ क्षेत्र के ग्राम दोनिया स्थित सरस्वती मिनरल क्रेशर संचालकों ने राजस्व और आदिवासियों की जमीन पर लगभग 10 स्थानों पर पत्थरों का अवैध उत्खनन कराया है. गांव के ही ट्रैक्टरों के माध्यम से ढुलाई कराई जा रही है. उन ट्रैक्टरों को ढुलाई का 500 रुपय़े प्रति दिन दिया जाता है. 500 रुपये में प्राकृतिक संपदा का दोहन कर रहे हैं. प्रतिबंधित क्षेत्र में हो रहा विस्पोट पुष्पराजगढ़ क्षेत्र बायोस्फीयर क्षेत्र घोषित है. इसके बावजूद ग्राम दोनिया में लीज एवं लीज से हटकर देर रात 17 जून को हैवी बारूदी विस्फोट किया गया, जिसके कारण नल जल योजना की पानी टंकी में दरारें आ गई हैं. आस पास की मकान हिलने की जानकारी दी गई है. कार्रवाई का इंतजार दोनिया के ग्रामीणों ने बताया कि अवैध पत्थर की खदान और अवैध विस्फोट को लेकर कई बार शिकायत की गई है. बावजूद इसके प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह का ध्यान नहीं दे रहे हैं. मजदूरों को माफिया ने पत्थर तोड़ने के कार्य में लगा रखा है. इन्हें प्रति ट्राली के हिसाब से बोल्डर लोड करने का 300 रुपये और गिट्टी के लिए 500 रुपये दिया जाता है. लीज से हटकर कई जगह उत्खनन क्रेशर संचालकों को प्रशासन ने संभावित स्थलों पर शासन ने खदानें भी स्वीकृत की है. क्रेशर संचालकों ने अधिक मुनाफा कमाने के लिए लीज से परे हटकर पत्थर का अवैध उत्खनन कराया है. बार-बार शिकायत के बावजूद खनिज विभाग चुप्पी साधे हुए है. यहां पर आदिवासी कृषकों से भूमि सुधार के नाम पर उनके खेतों से पत्थरों का उत्खनन कराकर उसे क्रेशर पर खपाया जा रहा है. लीज के स्थल पर पत्थरों की खुदाई नहीं होने से भी प्रश्नों का संचालन रहस्य बना हुआ है. पुष्पराजगढ़ एसडीएम अभिषेक चौधरी ने कहा कि इस सम्बंध में कोई जानकारी नहीं दी गयी है. सूचना पर मैने जांच के लिए भेजा है. वहीं अमरकंटक थाना प्रभारी मनोज दीक्षित ने ने कहा कि हमारे यंहा से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई न ही जानकारी दी गई है. जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी. बहरहाल, हैवी ब्लास्टिंग से न सिर्फ धरती का सीना दहल रहा है, बल्कि आसपास के खेतों की सूरत भी बिगड़ रही है. किसानों के खेत बंजर हो रहे हैं. पानी की कमी हो रही है. इलाके में सूखे का इल्म हो जाता है. इस मामले में कई ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में धुंध ढाया रहता है. क्रेशर आसपास कुछ खनन माफिया रात के समय में सुदूर गांवों में स्थित जमीनों पर गुर्गों संग पहुंच कर जेसीबी के माध्यम से और हैवी ब्लास्टिंग की मदद से धरती का सीना चीर रहे हैं. बावजूद इसके प्रशासन बहरा हो गया है.

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