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छत्तीसगढ़ में सियासी दंगल: दिल्ली दरबार पहुंचे विधायकों ने फिर अलापा बघेल राग, सुबह 3 और विधायक निकले…

रायपुरः छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में राजनीतिक (Political) अंतर्कलह के सार्वजनिक होने के बावजूद सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) अपने पुराने ताव में हैं. जहां एक ओर टीएस सिंहदेव (TS singhdeo) के समर्थक अलग नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बघेल (Baghel) समर्थकों भी अपने जोश में हैं.

दिल्ली दौरे (Delhi tour) पर गये विधायकों (MLA) से जब मीडिया ने ढाई-ढाई साल के सीएम के मुद्दे को लेकर बेहतर सीएम (CM) पर सवाल किया तो ज्यादातर विधायकों (MLA) ने भूपेश बघेल का ही समर्थन किया. इस बीच विधायकों ने बघेल सरकार के कार्यकाल की योजनाओं को गिनाते हुए उन्हें सीएम पद (CM Post) पर बरकरार रखने की बात कही. साथ ही कई विधायकों ने ये दावा किया कि कांग्रेस के आलाकमान (Congress high command) उन्हें ही इस पद के लायक मानते हैं.

इसी बीच तीन और विधायक आज सुबह दिल्ली के लिए रवाना हुए. भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, नवागढ़ विधायक, नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप सुबह फ्लाइट से दिल्ली निकले. बताया जा रहा है कि अब तक 26-27 विधायक दिल्ली में हैं.

बघेल को कांग्रेस की ओर से बड़ी जिम्मेदारी

यही कारण है कि हाल ही में भूपेश बघेल को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई. दरअसल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections) के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, कांग्रेस सहित सभी पार्टियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. वहीं, पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी मिलने पर सीएम भूपेश बघेल ने पार्टी आलाकमान का शुक्रिया अदा किया.

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दिल्ली दरबार में हाजिरी से अटकलों को मिली हवा

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस विधायकों (Congress MLA) की दिल्ली दरबार में हाजिरी बढ़ने से रायपुर से लेकर दिल्ली तक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है. वहीं, मीडिया में सत्ता परिवर्तन की खबरों को और भी बल मिल रहा है.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में कई बदलाव

शनिवार को कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ इकाई में बदलाव करते हुए नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की है. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक गिरीश देवांगन के स्थान पर अरूण सिंघानिया, अटल श्रीवास्तव की जगह पी आर खूंटे, भानू प्रताप सिंह के स्थान पर अंबिका मकराम और पदम मनहार की जगह वाणी राव को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का उपाध्यक्ष बनाया गया है.दिवाकर प्रसाद यादव के स्थान पर वासुदेव यादव उत्तम वासुदेव की जगह अमरजीत चावला और पंकज शर्मा के स्थान सुमित्रा धृतलहरे को महासचिव नियुक्त किया गया है.

दिल्ली पहुंचे विधायक अलाप रहे बघेल राग

शैलेश नितिन त्रिवेदी की जगह सुशील आनंद शुक्ला को मीडिया विभाग का प्रमुख बनाया गया है. बता दें कि छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही चर्चा के बीच बघेल की इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार के ढाई वर्ष पूरे होने के बाद से लगातार चर्चा है कि मुख्यमंत्री पद ढाई-ढाई वर्ष तक बघेल और फिर राज्य के वरिष्ठ नेता एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को देने की बात हुई थी. ऐसे में बघेल समर्थक कई विधायक बुधवार को दिल्ली पहुंचे थे जो कि वहां से भी बघेल राग ही अलाप रहे हैं.

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आलाकमान पर फैसला टिका

यानी कि अब कांग्रेस के अलाकमान के फैसलों पर ही काका और बाबा की किस्मत का फैसला होगा. हालांकि अब तक पार्टी के आलाकमान की ओर से कोई फैसला नहीं आया है, लेकिन यूपी चुनाव में दी गई बघेल को जिम्मेदारी काफी कुछ बयां कर रही है. फिलहाल छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी जोरों पर हैं. ऐसे में आलाकमान ही काका और बाबा के किस्मत का फैसला कर सकेंगे.

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