दुर्गम अब दूर नहीं, बुलेट पर प्रशासन: वनांचल गांव पहुंचे SP, कलेक्टर और DFO, उबड़-खाबड़, नदी-नाले और पथरीली पहाड़ी, बच्चों को गणवेश और बांटे राशनकार्ड
गिरीश जगत, गरियाबंद। उबड़-खाबड़, नदी-नाले, पथरीली पहाड़ी एवं कच्ची पगडंडियों से मोटर साइकिल में 26 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला प्रशासन ग्रामीण अंचल आमामोरा गांव पहुंचे. कलेक्टर आकाश छिकारा के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित कांबले, वनमण्डलाधिकारी मणिवासगन एस, जिला पंचायत सीईओ रीता यादव समेत कई अफसर मौजूद रहे. अपने बीच जिले के सबसे बड़े अधिकारियों को देखकर ग्रामीण गदगद हुए.
उल्लेखनीय है कि यह ग्राम मुख्यमार्ग से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है. यहां लगभग 110 परिवार निवास कर रहे हैं. जिले में विकास की गति को तीव्रता प्रदान करने कलेक्टर आकाश छिकारा ने पदभार ग्रहण के उपरांत लगातार दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर विकास कार्यों एवं नागरिकों की मूलभूत सुविधा का स्वयं जायजा ले रहे हैं. इसी कड़ी में सोमवार को सुबह कलेक्टर अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अचानक आमामोरा ग्राम पहुंचे.
बता दें कि ग्राम आमामोरा में शाला प्रवेशोत्सव तथा स्वास्थ्य परीक्षण एवं सामग्री वितरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें नवप्रवेशी बच्चों को पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा स्कूल बैग, पुस्तक-कापी, खेल सामग्री, टिफिन, पानी बॉटल सहित अन्य उपयोगी सामग्री प्रदान की गई. इसी तरह ग्रामीणों को छाता सहित अन्य दैनिक उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई गई.
इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा 31 हितग्राहियों को उड़द बीज पैकेट, उद्यानिकी विभाग द्वारा 20 हितग्राहियों को सब्जी मिनी किट बीज एवं खाद्य विभाग द्वारा 14 हितग्राहियों राशन कार्ड वितरण किया गया. कलेक्टर ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं सामग्री वितरण शिविर का अवलोकन करते हुए स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया कि सभी लोगों का स्वास्थ्य जांच कर उन्हें दवाईयां एवं सामग्री वितरण करें. बारिश के मौसम को ध्यान में रखकर आवश्यक दवाईयां ग्रामीणों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये.
इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठायें. शासन-प्रशासन द्वारा आप लोगों के बेहतरी के लिए कार्य किये जा रहे हैं. कलेक्टर ने गांव के बच्चों से बात करते हुए सभी बच्चों को स्कूल, छात्रावास में जाने के लिए प्रेरित किया एवं उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने की समझाईश दी। उन्होंने गांव के बुजुर्ग बरातु राम, रूपा मेघवाल एवं अन्य लोगों से चर्चा कर वृद्धावस्था पेंशन, राशन सहित उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली.
इस पर लोगों ने बताया कि उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ मिल रहा है. कलेक्टर ने सभी पात्र परिवारों को वन अधिकार पट्टा, सहित सभी पात्र परिवारों का आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड जारी करने के निर्देश भी दिए.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित कांबले ने कहा कि जिला प्रशासन आपके गांव तक पहुंची है. उन्हें अपनी मांग एवं समस्याओं से जरूर अवगत कराएं. यहां से जिला मुख्यालय गरियाबंद लगभग 70 किलोमीटर दूर पर है. आप सभी लोगों के लिए जिला मुख्यालय आ पाना मुश्किल रहता है, इस कारण प्रशासन आप लोगों की समस्याएं जानने पहुंची है.
उन्होंने कहा कि आप लोग पुलिस को अपना मित्र समझे और सहयोग करें. इसके अलावा वनमण्डलाधिकारी मणिवासगन एस तथा जिला पंचायत सीईओ रीता यादव ने भी ग्रामीणों से चर्चा की. इस अवसर पर अपर कलेक्टर अविनाश भोई, जनपद सीईओ गरियाबंद नरसिंग ध्रुव, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे.
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