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छत्तीसगढ़ में 17 नक्सली मारे गए, 2 जवान घायल: 10 किमी शवों को कंधों पर उठाकर लौटे जवान, बस्तर में खात्मे की ओर माओवादी

Chhattisgarh Sukma 17 Naxalites killed 2 soldiers injured: छत्तीसगढ़ के सुकमा और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर शनिवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और सीआरपीएफ के 500-600 जवानों ने 17 नक्सलियों को मार गिराया। घटना केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में हुई।

डीआईजी कमलोचन कश्यप ने बताया कि 17 नक्सलियों के शवों के साथ इंसास, एसएलआर जैसे स्वचालित हथियार भी बरामद किए गए हैं। मारे गए नक्सलियों में बड़े कैडर भी शामिल हैं। उनकी पहचान की जा रही है।

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डीआईजी ने बताया कि मुठभेड़ में डीआरजी के 2 जवान भी घायल हुए हैं, जो खतरे से बाहर हैं। ऑपरेशन लगभग खत्म हो चुका है। डीआरजी के जवान शवों को कंधों पर उठाकर करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर जंगल से लौट रहे हैं। वहीं सीआरपीएफ के जवान सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

इससे पहले 25 मार्च को सुरक्षा बलों ने 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली सुधीर उर्फ ​​सुधाकर समेत 3 नक्सलियों को मार गिराया था। बस्तर रेंज में जवानों ने 2025 में एक मुठभेड़ में 100 नक्सलियों का एनकाउंटर किया है। इसमें 20 मार्च से 29 मार्च के बीच यानी सिर्फ 10 दिनों में 49 नक्सली मारे गए हैं।

नक्सलवाद को एक और झटका- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने सुकमा में एक ऑपरेशन में 16 नक्सलियों को मार गिराया है। स्वचालित हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शाह ने कहा कि हथियारों और हिंसा से बदलाव नहीं आ सकता, सिर्फ शांति और विकास से ही बदलाव आ सकता है। उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने की अपील की है।

जवान नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में जुटे हैं- सीएम साय

वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के अभिशाप को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। सुरक्षा बल नक्सलवाद को उसकी मांद में घुसकर जड़ से खत्म करने का काम कर रहे हैं। जवानों को मिली यह सफलता सराहनीय है, मैं उनकी बहादुरी को सलाम करता हूं।

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