
Chhattisgarh Korea wife along with daughter got husband killed: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में पुलिस ने SECL के अस्थाई कर्मचारी की पत्नी और बेटी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पत्नी अपने पति के शराब पीकर रोज-रोज मारपीट और गाली-गलौज से तंग आ चुकी थी। इतना ही नहीं, वह पत्नी और बच्चों को घर में बंद करके ड्यूटी पर चला जाता था। रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर उसने एक लाख रुपए की सुपारी देकर पति की हत्या करवा दी। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़गांव कोसाबाड़ी का है।
दरअसल, 29 मार्च को कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़गांव कोसाबाड़ी के पास पुलिया के नीचे कंबल और चटाई में लिपटा शव मिला था। जांच में पता चला कि शव खुटरापारा निवासी अशोक कुमार कुर्रे का था। अशोक SECL महाप्रबंधक कार्यालय में फाइल बाइंडिंग और चाय परोसने का काम करता था। उसकी पत्नी संता कुर्रे ने 21 मार्च को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जांच के दौरान संदेह होने पर मामला खुला
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो कई जगहों पर संदेह हुआ। जांच में पता चला कि संता ने अपने पति के लापता होने की तारीख गलत बताई थी। अशोक 19 मार्च से लापता था। मोबाइल बंद था। लेकिन संता ने 21 मार्च को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जब पुलिस को शव मिला तो मृतक की पहचान के बाद पत्नी से पूछताछ की। शक होने पर उसे थाने बुलाकर सख्ती से पूछताछ की तो संता कुर्रे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने अपनी बेटी सरिता कुर्रे के साथ मिलकर एक लाख रुपए में अपने पति की हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी महज 24 घंटे में सुलझा ली।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल की जांच के दौरान फर्श और दीवार पर खून के धब्बे मिले, जिन्हें गोबर से लीपकर छिपाने की कोशिश की गई थी। शव को लपेटने के लिए इस्तेमाल की गई दरी और रस्सी भी मृतका के घर की ही थी।
पति की प्रताड़ना से परेशान थी पत्नी और बेटी
कोरिया एसपी रवि कुर्रे ने इस हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी महिला ने पूछताछ में बताया कि पति अशोक शराब पीने का आदी था। पिछले कुछ सालों से वह मेरे और बच्चों के साथ बदतमीजी और मारपीट करता था। इतना ही नहीं वह हमें घर से बाहर भी नहीं जाने देता था। घर में ताला लगाकर ड्यूटी चला जाता था। खाना भी नहीं देता था।
बेटी सरिता कुर्रे ने बताया कि उसका पिता रोज रात को शराब पीकर घर आता था और सभी बच्चों के सामने मां को जानवरों की तरह पीटता था। पिछले एक साल से वह रात में मेरे साथ अश्लील और गंदी हरकतें करता था। मना करने पर वह मुझे खूब पीटता था।
पत्नी ने हत्या के लिए एक लाख की सुपारी दी
रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर पत्नी सांता और बेटी सरिता ने मार्च 2025 में अशोक की हत्या करने का फैसला किया। सांता ने सरिता के दोस्त तौसीफ खान और उसकी मां शहनाज खान से संपर्क किया। उसने तौसीफ और शहनाज को अशोक की हरकतों के बारे में बताया और कहा, अब हम उसकी प्रताड़ना से तंग आ चुके हैं। हमें उससे छुटकारा पाना है। उसने तौसीफ और मां शहनाज को अशोक की हत्या की सुपारी दे दी है। इस पर तौसीफ, मां शहनाज और दोस्त अमानुल खान (बाबा) ने अशोक की हत्या के लिए एक लाख रुपये मांगे। एक लाख रुपये में सौदा तय होने पर हत्यारों ने अशोक की हत्या की योजना बनाई।
योजना के अनुसार हत्या योजना के अनुसार सरिता ने 19 मार्च की रात 10 बजे तौसीफ और उसके दोस्त अमानुल खान को घर पर बुलाया और पीछे का दरवाजा खोलकर खाली कमरे में छिपने को कहा। इस दौरान तौसीफ और अमानुल खान चिकन और मटन काटने वाले धारदार हथियार चॉपर को लेकर कमरे में छिप गए। दोनों अशोक के आने का इंतजार करने लगे। कुछ देर बाद अशोक घर आया और खाना खाने के बाद बाहर वाले कमरे में चारपाई पर सो गया। उसके सो जाने पर बेटी सरिता ने मोबाइल पर मैसेज भेजकर तौसीफ और बाबू खान को बुलाया। इस दौरान छोटे बच्चों को दूसरे कमरे में सुला दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया।
पत्नी और बेटी ने की हत्या में मदद
तौसीफ और अमानुल खान ने धारदार हथियार से अशोक के सिर और गर्दन पर हमला किया। इस दौरान अशोक की पत्नी और बेटी उसके पैर पकड़े हुए थे। कुल्हाड़ी के वार से अशोक की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद दोनों हत्यारों ने अशोक के शव को कालीन और बोरे में लपेटा, रस्सी से बांधा और बाइक पर बड़गांव के कोसाबाड़ी में ले जाकर पास की पुलिया के नीचे फेंक दिया। इसके बाद तौसीफ और अमानुल अपने घर वापस चले गए। शव लेने के लिए पहले से तय सौदे के अनुसार मृतक की बेटी सरिता ने तौसीफ को 40 हजार रुपए दिए थे।
पुलिस ने इस हत्या में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि घटना में शामिल आरोपी अमानुल खान (बाबा) फरार है।
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